राज्यसभा में आज तीन तलाक बिल पर बहस होगी लेकिन उससे पहले बहस के समय को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष आमने-सामने आ गए हैं. बहस का समय शाम पांच बजे से रात 9 बजे तक निर्धारित है लेकिन विपक्ष इस मुद्दे पर पहले बहस चाहता है. अगर विपक्ष की मांग मानी ली जाती है तो बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह का संसद में प्रस्तावित पहला भाषण नहीं हो पाएगा.


गौरतलब है कि जीएसटी पर एक संशोधन बिल आज राज्यसभा में पेश किया जाना है. जिसपर अमित शाह अपनी बात रखेंगे. माना जा रहा है कि अब तक जीएसटी पर हंगामा करते रहे विपक्ष को अमित शाह जवाब दे सकते हैं. लेकिन विपक्ष का रुख इस स्पीच की राह में रोड़ा बन गया है क्योंकि विपक्ष की मांग है कि नियमों के मुताबिक पहले तीन तलाक बिल पर चर्चा की जानी चाहिए.


साफ है कि गुजरात और हिमाचल प्रदेश चुनावों में कांग्रेस की तरफ से जीएसटी को बड़ा मुद्दा बनाया गया था. कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने भी अपने हर भाषण में जीएसटी को गब्बर सिंह टैक्स का नाम दिया था. हालांकि, दोनों राज्यों में बीजेपी को जीत हुई. पीएम मोदी ने भी इस जीत जीएसटी से जोड़ा था. बता दें कि शुक्रवार को संसद का शीतकालीन सत्र समाप्त हो रहा है.


सेलेक्ट कमेटी की मांग पर अड़ा विपक्ष


राज्यसभा में सरकार के पास संख्या है नहीं और विपक्ष अपने इस रुख पर कायम है कि जो बिल सरकार पास कराना चाहती है उसमें तमाम खामियां हैं और उसको सलेक्ट कमेटी के पास भेजी जाने की सख्त जरूरत है. सरकार के पास इस बिल को पास कराने के लिए सिर्फ 2 दिनों का समय है. शीतकालीन सत्र 5 जनवरी को खत्म हो रहा है. उससे पहले सरकार को जरूरी जीएसटी संशोधन बिल भी पास कराना है, जो लोकसभा में पास हो चुका है.


लोकसभा में हो चुका है पास


आपको बता दें कि बिल का दोनों सदनों में पास होना जरूरी है, उसके बाद इसे राष्ट्रपति के पास भेजा जाएगा. लोकसभा में यह बिल 28 दिसंबर को पेश किया गया था जो 7 घंटे तक चली बहस के बाद पास हो गया था. बहस के बाद कई संशोधन भी पेश किए गए, लेकिन सदन में सब निरस्त कर दिए गए. इनमें AIMIM सांसद असदुद्दीन ओवैसी के भी 3 संधोधन थे.


कुछ इस तरह ही शाह की राज्यसभा में एंट्री


आपको बता दें कि बीते 8 अगस्त को गुजरात राज्यसभा चुनाव के लिए वोट डाले गए थे. गुजरात से बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह, केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी और कांग्रेस नेता अहमद पटेल राज्यसभा आए हैं. बीजेपी की ओर से अहमद पटेल को हराने के लिए काफी कोशिशे की गई थीं, लेकिन ऐसा नहीं हो सका.


रद्द हुए थे दो विधायकों के वोट


वोटिंग के बाद कांग्रेस ने रिटर्निंग ऑफिसर से अपनी पार्टी के दो बागी विधायकों के खिलाफ शिकायत दर्ज की थी. जिसके बाद चुनाव आयोग ने दो विधायकों के वोट रद्द कर दिए थे. चुनाव में कुल 176 वोट किए गए थे, जिनमें से 2 वोट रद्द होने के बाद 174 की काउंटिंग की गई थी. अहमद पटेल ने 44 वोट हासिल कर जीत दर्ज की. उन्होंने बीजेपी उम्मीदवार बलवंत राजपूत को शिकस्त दी थी. बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह को 46 वोट मिले थे तो वहीं स्मृति ईरानी को भी 46 वोट मिले थे. जबकि बलवंत सिंह राजपूत को महज 38 वोट मिले थे.