जम्मू:  मन्दिरों के शहर जम्मू में आज संकट चतुर्थी अथवा गणेश चतुर्थी का व्रत मनाया जा रहा है। जम्मू में इस व्रत को पुग्गे के व्रत के नाम से जाना जाता है। डुग्गर संस्कृति में यह व्रत बच्चों की दीर्घ आयु के लिए किया जाता है। डुग्गर प्रदेश में सुबह से इस व्रत को लेकर काफी रौनक देखी जा रही है। जहां एक तरफ मन्दिरों में भीड़ देखी जा रही है वहीं दूसरी तरफ महिलाएं घरों में पुग्गा बनाने की तैयारियों में व्यस्त हैं।



 यह व्रत भगवान गणेश को खुश करने के लिए किया जाता है और कठिन उपवासों में गिना जाता है। करवा चौथ की तरह ही व्रत में महिलाएं सरगी नहीं खा सकती हैं और इस दिन चन्द्रमा को अध्र्य देने का महातम है पर चन्द्रमा भी रात को काफी देर से निकलता है। इस व्रत को निर्जल्ल रखा जाता है और रात को भी अध्र्य देकर खाने में सिर्फ पुग्गा और केले व दूध का ही सेवन करने का प्रचलन है।