रायपुर । घरेलू विमान सेवा के लिए राज्य के तीनों प्रमुख एयरपोर्ट बिलासपुर, जगदलपुर और अंबिकापुर पूरी तरह तैयार हैं। 19 सीटर विमान भी दिल्ली पहुंच चुका है। राज्य के लिए लाइसेंस हासिल करने वाली एयरलाइंस कंपनी एयर ओडिशा की तैयारी इस महीने के अंत तक सेवा शुरू कर देने की है।


कंपनी पहले चरण में एक विमान के जरिए सरगुजा से रायपुर होते हुए बस्तर तक सेवा देगी। एयर ओडिशा के डॉयरेक्टर कैप्टन संतोष पानी ने 'नईदुनिया" से चर्चा में छत्तीसगढ़ के लिए 19 सीटर विमान पहुंचने की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि 23 जनवरी को पहले गुजरात फिर इस महीने के अंत में छत्तीसगढ़ में विमान सेवा शुरू कर देंगे। विमानन विभाग ने भी तैयारी पूरी कर ली है। अंबिकापुर और जगदलपुर में एयरपोर्ट तैयार है।


राष्ट्रीय स्तर पर तय हुई कंपनियां


उड़ान योजना के लिए नगारिक उड्डयन मंत्रालय ने बीते साल 30 मार्च को देश की 128 स्र्टों पर विमान सेवा शुरू करने के लिए पांच एयरलाइंसों का चयन किया था।


केंद्र की योजना उड़े देश का आम आदमी यानी 'उड़ान' के लिए राज्य सरकार और एयरलाइंस कंपनी दोनों ही घरेलू विमान सेवा के लिए तैयार हैं। सरगुजा और जगदलपुर दोनों एयरपोर्ट ने लाइसेंस के लिए आवेदन कर दिया है। विमान सेवा शुरू होते ही राज्य के एक कोने से दूसरे कोने तक का सफर महज पौन से एक घंटे में तय हो जाएगा, वह भी केवल 2500 स्र्पए में।


विमानन विभाग के अफसरों के अनुसार अभी केवल एक ही विमान से सेवा दी जाएगी। एक ही प्लेन दिन में एक बार सरगुजा और बस्तर का चक्कर लगाएगी। बाद में, बिलासपुर, रायगढ़ की अनुमति मिलने के बाद फिर प्लेन की संख्या बढ़ाई जाएगी।


2500 में 500 किमी की यात्रा


प्रदेश में निजी एयरलाइंस एयर ओड़िशा से करार किया गया है। यह एयरलाइंस 20 सीटर विमान उपलब्ध कराएगी। चारों जगहों की उड़ान के लिए किराया न्यूनतम यानी 25 सौ रूपए रखा गया है। यह है योजना केंद्र सरकार ने रिजनल कनेक्टिविटी योजना के तहत देश के ऐसे एयरपोर्ट का चयन किया है, जो पहले से मौजूद हैं, लेकिन कभी-कभार ही उपयोग में आते हैं। देश भर में ऐसे 32 एयरपोर्ट हैं जो वीआईपी आगमन के लिए कई दशकों से उपयोग में लाए जाते रहे हैं। इनमें प्रदेश के चार एयरपोर्ट जगदलपुर, बिलासपुर, रायगढ़ और अंबिकापुर हैं।


मुफ्त देंगे एयरपोर्ट


घरेलू विमान सेवा को प्रमोट करने के लिए राज्य सरकार ने कई छूट का एलान किया है। विमान के ईंधन पर वैट की दर 1 फीसदी रखने, लैंडिंग और पार्किंग का चार्ज न लेने, सुरक्षा और फायर फायटिंग का खर्च उठाने जैसी सहूलियतें राज्य सरकार देगी। उड़ान की तैयारी में दरिमा एयरपोर्ट अंबिकापुर । घरेलू विमान सेवा के लिए अंबिकापुर के दरिमा में एयरपोर्ट में रनवे के साथ अन्य जरूरी निर्माण पूर्ण हो गया है। सरगुजा कलेक्टर किरण कौशल ने बताया कि जरूरी इंफ्रास्ट्रक्चर का निर्माण पूरा कर लिए गए हैं। लाइटनिंग का शेष कार्य एक पखवाड़े में पूर्ण कर लिया जाएगा। लाइसेंस के लिए आवेदन हो चुका है। इसमें भी जल्द निर्णय हो जाने की उम्मीद है एवं लाइसेंस मिल जाएगा।


राज्य पुलिस के जवान संभालेंगे सुरक्षा की कमान


सरगुजा और जगदलपुर एयरपोर्ट पर सुरक्षा की जिम्मेदारी फिलहाल राज्य पुलिस के जवान संभालेंगे। इसके लिए दोनों जिलों में 20-20 जवानों की विशेष टीम तैयार की गई है। इन जवानों को लिखित परीक्षा समेत अन्य प्रक्रियाओं के बाद चुना गया है। इसके बाद एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया ने मुंबई में पहले चरण की ट्रेनिंग दिलाई गई है। सामान्यत: एयरपोर्ट्स पर सुरक्षा की जिम्मेदारी सीआईएसएफ के जवान संभालते हैं।


अंतिम चरण में जगदलपुर हवाई अड्डे का काम


जगदलपुर। जगदलपुर एयरपोर्ट में चल रहा निर्माण कार्य करीब 90 फीसदी पूरा हो चुका है। कलेक्टर बस्तर धनंजय देवांगन ने बताया कि जिला प्रशासन की ओर से एयरपोर्ट के व्यावसायिक लाइसेंस के लिए विधिवत आवेदन की प्रक्रिया पूरी गई है। डीजीसीए से जल्द ही अनुमति मिलने की उम्मीद है। वहीं एयरपोर्ट में भी आधारभूत संरचना पूरी तरह विकसित की जा चुकी है।


विशेषज्ञों के इंतजार में चकरभाठा


बिलासपुर। चकरभाठा हवाई पट्टी का डेढ़ किलोमीटर के हवाई पट्टी को अपगे्रड करते हुए इसे तीन किलोमीटर के क्षेत्र में विस्तारित किया गया है। विमान सेवा प्रारंभ करने से पहले अब एयर ट्रैफिक कंट्रोल से तकनीकी विशेषज्ञों के आने का इंतजार है। मापदंडों के अनुसार हवाई पट्टी के साढ़े 6 एकड़ क्षेत्रफल को चारों तरफ से जालीदार तार से घेरा कर दिया गया है।


फायर सर्विस के लिए निगम का अमला


इसी तरह फायर सर्विसेज के विमानन विभाग ने एसटीआरएफ से 15 जवानों का चयन किया है। प्रतिनियुक्ति पर लिए गए इन लोगों को ट्रेनिंग के लिए बाहर भेजने की योजना है।