साउथ अफ्रीका के बैटिंग कोच पहले टेस्ट मैच में टीम के प्रदर्शन को लेकर चिंतित थे। वह टीम की स्थिति से इतने निराश हो गए थे कि वह मैदान से होटल वापस लौट जाना चाहते थे। ये बातें हम नहीं कह रहे हैं, बल्कि खुद कोच डेल बेंकेनस्टीन ने कहीं हैं। टीम इंडिया और साउथ अफ्रीका के बीच इस वक्त तीन मैचों की टेस्ट सीरीज चल रही है। सीरीज का पहला मैच पांच जनवरी से शुरू हुआ था। ओपनिंग डे पर प्रोटियाज टीम कुछ खास कमाल नहीं कर सकी। यही कारण था कि टीम के खिलाड़ी अधिक देर पिच पर नहीं टिक नहीं सके। दक्षिण अफ्रीका की पूरी टीम कुल 286 रनों पर ढेर हो गई थी। टीम के बैटिंग कोच बेंकेनस्टीन उस दौरान इसी बात से परेशान हो गए थे। दिन का खेल खत्म होने के बाद उन्होंने इस बारे में बात की। कहा, “12/3 (टीम का स्कोर) पर टीम का बैटिंग कोच होने के नाते बिल्कुल अच्छा नहीं लग रहा था। मैं उस दौरान होटल वापस लौटने के लिए टैक्सी लेने के बारे में सोच रहा था, क्योंकि मुझे तब नहीं मालूम था कि हम कितने रन बना पाएंगे।”

बेंकेनस्टीन ने आगे बताया, “वह (भारत) गेंदबाजी में अच्छे हैं। एबी डिविलयर्स के स्तर और अक्ल के साथ हमारे कप्तान (फाफ डुप्लेसिस) ने खेल का मुमेंटम बदल दिया। यूं कहें कि पूरी पारी ही बदल गई।” टीम के स्कोर को 12/3 से 286 रनों पर लाने के लिए बैटिंग कोच ने पूरा श्रेय डिविलियर्स को दिया। उन्होंने कहा, “उस एक ओवर (डिविलियर्स ने भुवनेश्वर के ओवर में 17 रन जड़े थे) ने पूरा खेल बदल दिया था। यह वाकई में एबी का कमाल था। कोच के नाते आप उन्हें बता नहीं सकते कि कैसे खेलना है। चेंजिंग रूम में इसके बाद में टीम पर विश्वास आया था।”

बता दें कि पहले टेस्ट मैच के पहले दिन शुक्रवार को दक्षिण अफ्रीका की पहली पारी 286 रनों पर ऑल आउट हो गई। भारतीय गेंदबाजों ने लगातार विकेट लेकर दक्षिण अफ्रीकी बल्लेबाजों को बड़ी पारियां नहीं खेलने दीं। कप्तान फाफ डुप्लेसिस ने 62 रनों की पारी खेली तो वहीं डिविलियर्स 65 के स्कोर पर आउट हुए। शुरुआती झटके खा चुकी मेजबान टीम को डिविलियर्स (65) और डुप्लेसिस (62) ने बचाया और चौथे विकेट के लिए 114 रनों की साझेदारी की। इस जोड़ी ने लंच तक और कोई झटका नहीं लगने दिया। दिन के दूसरे सत्र में मेजबान टीम ने चार विकेट खोए जिसमें डिविलियर्स और डुप्लेसिस के विकेट भी शामिल थे। डिविलियर्स को अपना पहला टेस्ट मैच खेल रहे जसप्रीत बुमराह ने बोल्ड किया। वहीं डुप्लेसिस दूसरे सत्र में अर्धशतक पूरा कर हार्दिक पांड्या की गेंद पर रिद्धिमान साहा के हाथों लपके गए। डिविलियर्स ने 84 गेंदें खेलीं और 11 चौके लगाए। प्लेसिस ने अपनी पारी में 104 गेंदों का सामना किया और 12 चौके लगाए।