इसरो बहुत जल्दी देश का सबसे भारी कम्युनिकेशन सैटेलाइट जीसैट-11 लांच करेगा। इसका वजन 5.6 टन है और ये 500 करोड़ रुपये की लागत से तैयार किया गया है। इसे यूरोपीय अन्तरिक्ष एजेंसी के राकेट एरियन-5 के साथ साउथ अमेरिका के फ्रेंच गुएना स्थित कौरू प्रक्षेपण स्थल से लॉन्च किया जाएगा। इसके सफल प्रक्षेपण से भारत में इन्टरनेट और टेलिकॉम सर्विस में काफी परिवर्तन आएगा, जिससे डिजिटल इंडिया अभियान को मजबूती मिलेगी।

खासियत...

जीसैट-11 काफी बड़ा सैटेलाइट है, जिसके प्रत्येक सौर पैनल 4 मीटर से भी बड़े हैं और यह 11 किलोवाट ऊर्जा का उत्पादन करेगा। उम्मीद जताई जा रही है कि, इस उपग्रह को जनवरी के अंत तक लॉन्च कर लिया जाएगा। इसके सफल प्रक्षेपण के बाद भारत का खुद का इन्टरनेट प्रदाता उपग्रह हो जाएगा, जिससे भारत के गांवों और शहरों में इन्टरनेट की स्पीड काफी बढ़ जाएगी। इसरो अध्यक्ष एएस किरण कुमार ने कहा कि, "इसरो देश को नयी क्षमता प्रदान करने का प्रयास कर रहा है, उपग्रह आधारित इन्टरनेट उसका केवल एक संकेत भर है। हमें डिजिटल इंडिया के नजरिये से ग्राम पंचायत, तालुका और सुरक्षा बलों को जोड़ने की जरुरत है।"


किस योजना का हिस्सा है...

जीसैट-11 इसरो के इंटरनेट बेस्ड सैटेलाइट सीरीज का हिस्सा है, जिसका मकसद इंटरनेट स्पीड को बढ़ाना है। इसके तहत अंतरिक्ष में 18 महीने में तीन सैटेलाइट भेजे जाने हैं। जिसमें से पहला सैटेलाइट जीसैट-19 जून, 2017 में भेजा जा चुका है और तीसरा सैटेलाइट जीसैट-20 को इस साल के आखिरी में लॉन्च किया जा सकता है।