केपटाउन  केपटाउन टेस्ट में साउथ अफ्रीका ने टीम इंडिया को 72 रनों से हरा कर 3 मैचों की टेस्ट सीरीज में 1-0 से बढ़त बना ली है. टेस्ट मैचों में यह टीम इंडिया की साल 2015 के बाद विदेश में पहली हार है. आखिरी बार टीम इंडिया को विदेशी धरती पर श्रीलंका के हाथों गॉल टेस्ट में हार का सामना करना पड़ा था.


इस मैच में टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करते हुए साउथ अफ्रीका की टीम अपनी पहली पारी में 286 रन पर ऑलआउट हो गई. जिसके बाद अफ्रीकी गेंदबाजों ने टीम इंडिया को पहली पारी में सिर्फ 209 रन पर ही ढेर कर दिया.

इस तरह साउथ अफ्रीका को पहली पारी के आधार पर 77 रनों की बढ़त हासिल हुई. दूसरी पारी में भारतीय तेज गेंदबाजों की घातक गेंदबाजी के सामने साउथ अफ्रीका की पूरी टीम 130 रनों पर सिमट गई. जिसके बाद टीम इंडिया को जीत के लिए 208 रनों का लक्ष्य मिला.


लक्ष्य का पीछा करने उतरी टीम इंडिया फिलेंडर की घातक गेंदबाजी के सामने सिर्फ 135 रन ही बना पाई और अफ्रीका ने यह मैच 72 रनों से जीत लिया. दूसरी पारी में टीम इंडिया की ओर से रविचंद्रन अश्विन ने सबसे ज्यादा 37 रन बनाए, जबकि कप्तान विराट कोहली ने 28 रनों की पारी खेली. वेर्नोन फिलेंडर ने छह विकेट लिए जिसके दम पर अफ्रीका ने यह जीत हासिल की है. 


130 रन पर सिमटी अफ्रीका की दूसरी पारी

77 रनों की बढ़त के साथ दूसरी पारी खेलने उतरी साउथ अफ्रीका की पूरी टीम 130 रनों पर आल आउट हो गई. इस तरह भारत को यह मैच जीतने के लिए 208 रनों का लक्ष्य मिला है. तीसरे दिन का खेल बारिश के कारण बाधित रहा था. अपने दूसरे दिन के स्कोर दो विकेट पर 65 रनों से आगे खेलने उतरी साउथ अफ्रीका की टीम ने 65 और रन बनाकर अपने 8 विकेट गंवा दिए. अफ्रीका की टीम भारतीय गेंदबाजों के आगे कमजोर नजर आई और कुल 41.2 ओवरों का सामना करने के बाद पवेलियन लौट गई.


मेजबानों को चौथे दिन पहला झटका अमला (4) के रूप में लगा. उन्हें मोहम्मद शमी ने रोहित शर्मा के हाथों कैच आउट करवाया. अमला के आउट होने के बाद रबाडा (5) को भी शमी ने ज्यादा देर तक मैदान पर नहीं टिकने दिया. वह शमी की गेंद पर कप्तान विराट कोहली के हाथों लपके गए. इस पारी में साउथ अफ्रीका के लिए सबसे अधिक रन बनाने वाले एबी डिविलियर्स (35) ने विकेट के एक छोर पर खड़े पारी को संभालने की हर कोशिश कर रहे थे, लेकिन उन्हें बाकी खिलाड़ियों का साथ नहीं मिला.


रबाडा के आउट होने के बाद डिविलियर्स का साथ देने आए कप्तान फाफ डु प्लेसिस (0) को इस मैच के जरिए टेस्ट क्रिकेट में डेब्यू करने वाले जसप्रीत बुमराह ने खाता खोलने का मौका भी नहीं दिया और विकेट के पीछे खड़े ऋद्धिमान साहा के हाथों कैच आउट कर मेजबान टीम का पांचवां विकेट गिराया.


डु प्लेसिस के बाद क्विंटन डी कॉक (8) भी बुमराह की ही गेंद पर साहा के हाथों लपके गए. डी कॉक जब आउट हुए तब टीम का स्कोर 92 था. टीम के खाते में तीन रन ही जुड़ पाए थे कि शमी ने वर्नोन फिलेंडर को एलबीडब्लू आउट कर टीम का सातवां विकेट भी गिरा दिया. फिलेंडर भी खाता खोले बिना पवेलियन लौट गए.


डिविलियर्स के साथ केशव महाराज ने 27 रनों की साझेदारी की और टीम को 100 के आंकड़े के पार पहुंचाया, लेकिन भुवनेश्वर कुमार ने इस साझेदारी को ज्यादा देर तक टिकने नहीं दिया. केशव महाराज (15) भुवनेश्वर की गेंद पर सीधा शॉट मारने की कोशिश कर रहे थे, जब गेंद उनके बल्ले से लगकर साहा के हाथों में समा गई. 122 के कुल स्कोर पर केशव भी पवेलियन पहुंचे.


भुवनेश्वर ने 130 के कुल स्कोर पर मोर्ने मोर्केल (2) को भी साहा के ही हाथों कैच आउट किया और साउथ अफ्रीका का 9वां विकेट गिरा दिया. इसी स्कोर पर एक छोर पर टीम की पारी को संभाले खड़े डिविलियर्स भी आउट हो गए. बुमराह की गेंद पर लंबा शॉट मारने के चक्कर में ठीक बाउंड्री के पास भुवनेश्वर के हाथों लपके गए.


डिविलियर्स के आउट होने के साथ ही पहले सत्र के समापन की घोषणा कर दी गई. इस टेस्ट मैच में भारत के लिए साउथ अफ्रीका की दोनों पारियों में साहा ने कुल 10 कैच पकड़े. इसके अलावा, यह पहली बार हुआ है कि भारत के चार तेज गेंदबाजों ने किसी टीम की दोनों पारियों में कम से कम एक-एक विकेट हासिल किया है. मेजबान टीम को सस्ते में समेटने में मोहम्मद शमी (3/28) और जसप्रीत बुमराह (3/39) के अलावा, भुवनेश्वर कुमार (2/33) और हार्दिक पांड्या (2/27) ने अहम भूमिका निभाई.


पहली पारी में 209 रनों पर ढेर हुई टीम इंडिया


पहली पारी में साउथ अफ्रीका की धारदार गेंदबाजी के सामने टीम इंडिया केवल 209 रन बनाकर ऑल आउट हो गई. टीम इंडिया के लिए हार्दिक पंड्या ने मुश्किल पिच पर शानदार बल्लेबाजी करते हुए 93 रनों की पारी खेली.


उनके अलावा चेतेश्वर पुजारा 26 और भुवनेश्वर कुमार ने 25 रनों की पारी खेली. पंड्या अपने शतक से चूक गए. उन्होंने अपनी आतिशी 93 रनों की पारी में 14 चौके और एक छक्का लगाया.


संकट में बुरी तरह फंसी भारतीय टीम के लिए पंड्या और भुवनेश्वर ने आठवें विकेट के लिए 99 रनों की साझेदारी की. यह साझेदारी तब आई जब भारत ने अपने सात विकेट 92 रनों पर ही गंवा दिए थे.


दक्षिण अफ्रीका के लिए वर्नोन फिलेंडर कैगिसो रबाडा ने तीन-तीन विकेट लिए. डेल स्टेन और मोर्ने मोर्केल ने दो-दो सफलताएं हासिल कीं.


टीम इंडिया के विकेट्स

टीम इंडिया की शुरुआत बेहद खराब रही भारत की पहली पारी के पांचवें ओवर की चौथी गेंद पर वर्नोन फिलेंडर ने मुरली विजय (1) को डीन एल्गर के हाथों कैच करा भारत को पहला झटका दिया.


विजय का विकेट 16 के कुल स्कोर पर गिरा जबकि दो रन बाद ही अच्छी लय में दिख रहे शिखर धवन (16) को डेल स्टेन ने अपनी ही गेंद पर कैच आउट किया.


कप्तान विराट कोहली से टीम को उम्मीदें थीं, लेकिन कोहली को पांच के निजी स्कोर पर मोर्ने मोर्केल ने विकेट के पीछे क्विंटन डी कॉक के हाथों कैच कराया. दूसरे दिन रोहित (11) भी कैगिसो रबाडा की गेंद पर एलबीडब्लू आउट करार दे दिए गए.


लंच के बाद पहली ही गेंद पर पुजारा (26) आउट हुए, वर्नोन फिलेंडर ने उन्हें डु प्लेसिस के हाथों कैच करा कर टीम इंडिया को पांचवां झटका दे दिया. इसके बाद अश्विन (12) को भी फिलेंडर ने डी कॉक के हाथों कैच करा कर टीम इंडिया को छठा झटका दे दिया.


अश्विन के बाद साहा भी नहीं टिक पाए और स्टेन की गेंद पर एलबीडब्लू आउट हो गए. आठवें विकेट के रूप में भुवनेश्वर कुमार आउट हुए जब उन्हें मोर्केल ने डी कॉक के हाथों कैच करा दिया था.


9वां विकेट हार्दिक पंड्या का रहा जो 93 रन बनाकर रबाडा का शिकार बने थे. रबाडा ने बुमराह को आउट कर टीम इंडिया को 209 रनों पर ढेर कर दिया.


पहली पारी में 286 पर ढेर हुई अफ्रीका


भारतीय गेंदबाजों ने लगातार विकेट लेकर मेजबान टीम के बल्लेबाजों को बड़ी पारियां नहीं खेलने दीं और उसे 73.1 ओवरों में 286 रन पर ऑलआउट कर पवेलियन में बैठा दिया. मेजबान टीम के लिए एबी डिविलियर्स ने 65 और फाफ डु प्लेसिस ने 62 रन बनाए. इन दोनों बल्लेबाजों ने दक्षिण अफ्रीका के लिए तीसरे विकेट के लिए 114 रनों की साझेदारी की.


यह साझेदारी तब आई जब भारत ने 12 रनों पर ही मेजबान टीम के तीन विकेट खो दिए थे. क्विंटन डी कॉक ने 43, केशव महाराज ने 35, कागिसो रबादा ने 26 और वर्नोन फिलेंडर ने 23 रनों की पारियां खेलीं, लेकिन कोई भी बल्लेबाज अच्छी शुरुआत को बड़ी पारी में नहीं बदल पाया.


भारत के लिए भुवनेश्वर कुमार ने चार विकेट लिए. रविचंद्रन अश्विन ने दो विकेट लिए. मोहम्मद शमी, जसप्रीत बुमराह, हार्दिक पंड्या को एक-एक विकेट मिला.


साउथ अफ्रीका के विकेट्स


साउथ अफ्रीका की शुरुआत बेहद खराब रही, भुवनेश्वर कुमार ने पहले ओवर की तीसरी गेंद पर डीन एल्गर को बिना खाता खोले विकेट के पीछे ऋद्धिमान साहा के हाथों कैच करा दिया. उस समय साउथ अफ्रीका टीम का भी खाता नहीं खुला था.


टीम का स्कोर सात रन ही पहुंचा था कि एडेन मार्करम पांच के निजी स्कोर पर भुवनेश्वर की गेंद पर एलबीडब्लू आउट करार दे दिए गए. मेजबान टीम के टॉप बल्लेबाजों में से एक हाशिम अमला (3) भी भुवनेश्वर की स्विंग में फंस गए और साहा ने उन्हें लपकने में कोई गलती नहीं की. 12 रनों पर ही मेजबान टीम तीन अहम विकेट खो चुकी थी.


इसके बाद डिविलियर्स (65) को बुमराह ने बोल्ड करते हुए साउथ अफ्रीका को चौथा झटका दे दिया. हार्दिक पंड्या ने साउथ अफ्रीका के कप्तान फाफ डु प्लेसिस को 62 के निजी स्कोर पर साहा के हाथों कैच करा कर मेजबान टीम को पांचवा झटका दे दिया.


विकेटकीपर बल्लेबाज क्विंटन डी कॉक तेजी से रन बनाने के मूड में थे. उन्होंने आते ही कुछ अच्छे शॉट्स लगाए. डी कॉक ने 40 गेंदों में सात चौकों की मदद से 43 रनों की पारी खेली. उनकी पारी का अंत भुवनेश्वर ने साहा के हाथों कैच कराया.


वर्नोन फिलेंडर भी अच्छी लय में दिख रहे थे, लेकिन मोहम्मद शमी की एक शानदार गेंद उनकी गिल्लियों को छूकर चली गई. उन्होंने 35 गेंदों में चार चौकों की मदद से 23 रनों की पारी खेली.


इसके बाद केशव महाराज को अश्विन ने 25 के निजी स्कोर पर रन आउट कर दिया. अश्विन ने रबाडा (26) और मोर्केल (2) को आउट कर साउथ अफ्रीका की पारी को समेट दिया.