नई दिल्ली दलित नेता जिग्नेश मेवाणी की प्रस्तावित हुंकार रैली पर विवाद बढ़ता जा रहा है. दिल्ली पुलिस ने रैली को एनजीटी के फैसले का हवाला देते हुए इजाजत नहीं दी है. लेकिन जिग्नेश और उनके समर्थक रैली करने पर अड़ गए हैं. जिग्नेश रैली स्थल के लिए रवाना हो गए हैं. इस बीच दिल्ली पुलिस और जिग्नेश मेवाणी के बीच लुपा-छिपी का खेल चल रहा है.


पहले कहा जा रहा था कि जिग्नेश मेवाणी बीमार हैं, इसलिए वहां पर जाने में देरी हो सकती है. बाद में खबर आई कि जिग्नेश मेवाणी अंबेडकर पार्क में जाएंगे, लेकिन जैसे ही दिल्ली पुलिस को इस बात की भनक लगी. तो जिग्नेश मेवाणी और उनके साथी अखिल गोगोई दोनों ही अंबेडकर पार्क से निकले और सीधा जंतर-मंतर के लिए रवाना हो गए.


दिल्ली पुलिस और जिग्नेश मेवाणी के बीच कुछ इस तरह हुई लुका-छिपी...


# जिग्नेश मेवाणी की पार्क में सभा प्रस्तावित है, ये सभा अखिल गोगोई और जिग्नेश द्वारा आयोजित की जा रही है.


# जिग्नेश बीमार थे, इसलिए सभा वाली जगह जाने में देरी हुई.


# जहां सभा है वहां पर भीड़ थी, इसलिए पुलिस बल काफी संख्या में तैनात है.


# इसी बीच जिग्नेश वहां से निकले, गीता कालोनी की मुख्य सड़क पर जिग्नेश, अखिल के साथ काले रंग की होंडा सिटी में बैठकर जंतर-मंतर के लिए रवाना हुए.


# अंबेडकर पार्क पर जिग्नेश के आने की संभावना थी, जैसे ही पुलिस को पता चला ये अंबेडकर पार्क आएंगे. तभी अखिल गोगोई निकले और जिग्नेश के साथ वहां से निकल गए


आपको बता दें कि जिग्नेश मेवाणी का कहना है कि मोदी सरकार उनकी आवाज दबाने की कोशिश कर रही है. पार्लियामेंट स्ट्रीट पर मेवाणी के खिलाफ पोस्टर्स लगे हैं, जिसमें मेवाणी पर भड़काऊ भाषण देने, नक्सलियों से संबंध और जातीय हिंसा करवाने के आरोप लगाए गए हैं.


मोदी सरकार के खिलाफ रैली


यह रैली मोदी सरकार की नाकाम नीतियों और मुस्लिम-दलितों पर अत्याचार के खिलाफ आयोजित की जा रही है. सामाजिक न्याय के नाम पर प्रस्तावित रैली को हुंकार रैली नाम दिया गया है. रैली में हिस्सा लेने वाले सभी लोगों को यहां बुलाया गया है.


इस रैली का मुख्य उद्देश्य सामाजिक न्याय की अवाज बुलंद करने, चंद्रशेखर की रिहाई और युवाओं की शिक्षा-रोजगार की मांग है. इस रैली में गुजरात के विधायक और दलित नेता जिग्नेश मेवाणी, मानवाधिकार कार्यकर्ता अखिल गोगोई और बेजवाड़ा विल्सन समेत उमर खालिद और शहला रशीद जैसे छात्र नेता भी शामिल रहेंगे.