रायपुर। दावा किया जा रहा है कि संपूर्ण विश्व में तीनों युग में आज तक ऐसा महायज्ञ नहीं हुआ, जैसा अद्वितीय महायज्ञ नया रायपुर में होने जा रहा है। महायज्ञ की तैयारी जोर-शोर से शुरू हो चुकी है। 100 से ज्यादा सेवक राजधानी के घर-घर में जाकर लोगों को महायज्ञ में शामिल होने के लिए जागरुक करने में लगे हैं।


विहंगम योग संत समाज छत्तीसगढ़ के तत्वावधान में महाशिवरात्रि के मौके पर 12 व 13 फरवरी को नया रायपुर में छत्तीसगढ़ राज्योत्सव स्थल पर महायज्ञ का आयोजन किया गया है। प्रवक्ता मगेश्वर नाग ने बताया कि अद्वितीय महायज्ञ के प्रचार प्रसार के लिए बस्तर संभाग से गुरु, भाई-बहनें महादेवघाट स्थित महर्षि सदाफल देव आश्रम पहुंच चुके हैं। वे घर-घर आमंत्रण दे रहे हैं।


धीवर समाज ने ठहरने दिया निःशुल्क भवन


प्रचार प्रसार के लिए पहुंचे सेवादारों के ठहरने के लिए धीवर समाज ने धीवर भवन को निःशुल्क प्रदान किया है। जब तक महायज्ञ संपन्न नहीं हो जाता तब तक सेवादार वहीं ठहरेंगे। भवन प्रदान करने के मौके पर मछुवा संघ कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष भरत मटियारा, रायपुर परगना अध्यक्ष श्याम रतन सपहा, मछुवा संघ की प्रदेश अध्यक्ष गायत्री गायग्वाल मौजूद थे।


मछुवारे ने राम को नदी पार करवाया, अब यज्ञ में करेगा योगदान


मछुवा महासंघ के पदाधिकारियों ने कहा कि त्रेतायुग में भगवान राम को मछुवा समुदाय (केवट) ने नाव में बिठाकर नदी पार करवाया था। कलयुग में भी मछुवा समाज 11 हजार कुण्डीय विश्वशांति महायज्ञ में सहयोग करने सामाजिक भवन उपलब्ध करा रहा है।


महायज्ञ को सफल बनाने की तैयारियों में यज्ञ संयोजक उमेश साहू, सहसंयोजक उमेश पांडे, बीआर वर्मा, पुरुषोत्तम सपहा, गैंदलाल साहू, नारायण साहू, दिनेश सिंह, गौतम फरिकार, सुधीर सपहा, पवन, प्रशांत यदु, सन्नी, आरएन साहू, कुंदन फरिकार, लोकेश फरिकार, ऋ चा खंडेलवाल, कल्याणी बघेल आदि जुटे हुए हैं।