राजस्थान में बाड़मेर रिफाइनरी के 16 जनवरी को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हाथों शिलान्यास पर कांग्रेस ने सियासी जंग छेड़ दी है. कांग्रेस का आरोप है कि बाड़मेर रिफाइनरी का दुबारा शिलान्यास किया जा रहा है. कांग्रेस नेता और पूर्व सांसद हरीश चौधरी मंगलवार को बालोतरा में प्रेसवार्ता करते हुए कहा कि बीजेपी सरकार ने 4 साल तक रिफाइनरी को अटकाया है और इससे 50 हजार करोड़ का नुकसान किया है. इसके चलते प्रोजेक्ट की लागत में 6 हजार करोड़ का इजाफ हो गया है.


चौधरी ने बीजेपी पर निशाना साधते हुए कहा कि ऋण प्रावधानों की गलत व्याख्या कर जनता को किया भ्रमित किया गया है. चन्द पूंजीपतियों को फायदा पहुंचाने के लिए सरकार प्रदेश का नुकसान कर रही है. मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे इसके लिए प्रदेश की जनता से माफी मांगें.उल्लेखनीय है कि राजस्थान की पिछली कांग्रेस सरकार में कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने 22 सितम्बर, 2013 को रिफाइनरी का शिलान्यास किया. हालांकि तब विधानसभा चुनाव की आचार संहिता लागू होने के कारण काम शुरू नहीं हो सका था. इसके बाद सत्ता में आई भाजपा सरकार ने पुराना एमओयू रद्द कर दिया और नया एमओयू करते हुए फिर से काम शुरू करवाया जा रहा है.