राजस्थान में 29 जनवरी को होने वाले उपचुनाव में पार्टी के बागी नेता ने ही कांग्रेस की मुश्कलें बढ़ा दी हैं. भीलवाड़ा की मांडलगढ़ विधानसभा सीट से कांग्रेस नेता और पूर्व प्रधान गोपाल मालवीय भी मैदान में आ गए हैं. मालवीय बुधवार को विधायक पद के लिए निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में नामांकन दाखिल करेंगे. कांग्रेस के इस बागी नेता की एंट्री के बाद भीलवाड़ा के माण्डलगढ़ चुनाव में अब मुकाबला त्रिकोणीय होगा. विधानसभा उपचुनाव में मालवीय की उम्मीदवारी ने कांग्रेस खेमे में हलचल बढ़ा दी है.

मांडलगढ़ विधानसभा सीट पर उपचुनाव में बीजेपी के उम्मीदवार भीलवाड़ा जिला प्रमुख शक्ति सिंह हाड़ा हैं. उनका मुकाबला 2013 का चुनाव हार चुके विवके धाकड़ से है. जातीय समीकरणों के लिहाज से यहां रोचक मुकाबला देखने को मिलेगा.


विवके धाकड़ सीपी जोशी के खास माने जाते हैं. वहीं भीलवाड़ा की इस सीट पर इस क्षेत्र में हाल ही चर्चा में रहे हिंदुत्व का मुद्दा भी खासा प्रभाव छोड़ सकता है. विश्व हिंदू परिषद, बजरंग दल और अन्य हिंदू सगठन यहां पिछले कुछ महीनों से अधिक सक्रिय हैं.



उल्लेखनीय है कि राजस्थान में दो लोकसभा और एक विधानसभा सीट पर होने वाले उपचुनावों को बीजेपी और कांग्रेस ने अागामी विधानसभा चुनाव से पहले का सेमीफाइनल मान लिया है और अपने-अपने प्रत्याशी के चयन से लेकर उसकी जीत सुनिश्चित करने के लिए सारी ताकत झौंक दी है.