ट्रिपल तलाक को लेकर देश की सबसे बड़ी अदालत सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद भले ही सरकार इसके लिए सख्त कानून बनाने की मुहीम में जुटी हो, लेकिन इससे जुड़े मामले थमने का नाम नहीं ले रहे हैं.


ताजा मामला उत्तर प्रदेश के कौशाम्बी जिले का है, जहां एक शौहर ने तीन साल तक पत्नी को प्रताड़ित करता रहा. फिर उसे फोन पर तीन तलाक देकर छोड़ दिया. पिछले पंद्रह दिनों से पीड़ित महिला इंसाफ के लिए दर-दर भटक रही है. की ठोकरे खाने को मज़बूर है. हालांकि मामला मीडिया में आने के बाद एसपी ने शौहर के खिलाफ घरेलू हिंसा के तहत केस दर्ज करने के आदेश दिए हैं.


कौशांबी के नगर पंचायत मंझनपुर के चकनगर में रहने वाली महिला रोजी बेगम ने अपने पति की प्रताड़ना से तंग आकर अलग से किराए के मकान में रहती थी. रोजी बेगम का निकाह वहीं के मोहम्मद सोहराब उर्फ असलम के साथ हुआ था. पीड़िता का आरोप है कि शादी के कुछ वर्ष बीतने के बाद सोहराब उसे प्रताड़ित करने लगा था. इस प्रताड़ना से तंग आकर वह किराए का मकान लेकर अपने बच्चों के साथ अलग रहने लगी थी.


उसके तीनों बच्चे ईदगाह के समीप स्थित एहसानिया मदरसा में पढ़ाई कर रहे हैं. 15 दिन पहले ही पीड़िता का पति बच्चों को ले गया था. जिसके लिए महिला ने सदर कोतवाली में बच्चों को गायब होने का केस दर्ज कराया था.



पीड़िता ने बताया कि जब बच्चे मदरसा में पढ़ने गए थे तो उसका पति बच्चों को बहला-फुसलाकर कहीं लेकर चला गया. उसने बच्चों को काफी खोजा लेकिन उनका कहीं पता नहीं चल सका. अब महिला को आशंका है कि उसके पति ने उसके बच्चों को कहीं बेच ना दे. 


पीड़िता ने बताया कि रविवार को उसके पति ने अपने एक दोस्त के फोन से कॉल कर उसे तीन तलाक दे दिया. पीड़िता का आरोप है कि, उसका पति शराब के नशे में उस पर दूसरों के साथ रात गुजारने का दबाव डालता था.


इंस्पेक्टर मंझनपुर धनंजय वर्मा ने बताया- "महिला के द्वारा तीन तलाक का केस दर्ज कराया गया है. इसके पहले भी महिला ने अपने पति के खिलाफ एक केस दर्ज कराया था. दोनों मामलों की जांच कर जल्द ही कार्रवाई की जाएगी."