ग्वालियर। नोटबंदी के दौरान ग्वालियर में 406 खातों में एक करोड़ से ज्यादा की रकम जमा हुई थी। इन सभी खाते धारकों को नोटिस दे दिए गए हैं और उनसे पैसे का हिसाब पूछा जा रहा है। यह जानकारी मध्य प्रदेश व छत्तीसगढ़ के प्रधान मुख्य आयकर आयुक्त पीके दाश ने दी। वे बुधवार को पत्रकारों से बात कर रहे थे। उन्होंने बताया कि नोटबंदी से 2 लाख 72 हजार लोग आयकर रिटर्न दाखिल करने लगे हैं। यह संख्या 6 लाख 20 हजार तक पहुंचने का टारगेट निर्धारित किया है।

श्री दाश राजस्व वसूली के टारगेट की समीक्षा करने ग्वालियर आए हैं। उन्होंने बताया कि ग्वालियर ऑफिस को 267 करोड़ का टारगेट दिया गया है, जिसमें 125 करोड़ आ चुके हैं। 31 मार्च तक 140 करोड़ रुपए लाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। जिस जगह से राजस्व मिल सकता है, उन्हें नोटिस दे दिए हैं। हम चाहते हैं कि बिना छापे टैक्स जमा कर दें। ग्वालियर में ई-असिस्मेंट की सेवा शुरू कर रहे हैं। इंटरनेट के माध्यम से करदाता को पूरी जानकारी दी जाएगी। मेल के माध्यम से जो भी पूछताछ की जाएगी, उसकी जानकारी मेल पर ही दी जाएगी। उसे कार्यालय तक आने की जरूरत नहीं है।

आयकर से संबंधित लीगल एड सेल खोल रहे

आयकर से संबंधित जानकारी फ्री में उपलब्ध कराने के लिए ग्वालियर में फ्री लीगल एड सेल खोल रहे हैं। इसमें सेवानिवृत्त अधिकारी, वकील, चार्टर अकाउंटेट से बात की जा रही है। साथ ही आयकर अधिकारी भी जनता के बीच में जाएंगे और जो करदाता हैं, उनसे बात करेंगे। उनकी समस्या की जानकारी लेंगे। हम अपनी समस्या उनको बताएंगे और उनकी समस्या जानकर उसका समाधान किया जाएगा। उन्होंने बताया कि ग्वालियर रीजन में 95 अपील पेडिंग हैं। इन पर फैसला होने पर विभाग को 700 करोड़ रुपए मिलने की संभावना है।


 

नोटबंद के दौरान 2725 खातों की हुई थी पहचान, 406 को नोटिस दिए

श्री दाश ने बताया कि नोटबंदी के दौरान 2725 खातों की पहचान हुई थी, जिसमें 406 खाते ऐसे थे, जिनमें 1 करोड़ से अधिक की राशि जमा हुई थी। 2319 खातों का लेनदेन संदिग्ध था। इन खातों के संबंध में कार्रवाई की जा रही है। लेनदेन की पहचान की जा रही है। इन खाते धारकों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

दो महीने में जोड़ना है 62 हजार को

प्रधान मुख्य आयकर आयुक्त ने बताया कि ग्वालियर रीजन में 64 हजार लोगों के पास पेन कार्ड हैं, लेकिन इसमें महज 2000 लोग ही रिटर्न दाखिल कर रहे हैं। 31 मार्च 2018 तक 62 हजार लोगों से रिटर्न दाखिल कराने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इनसे आयकर अधिकारी संपर्क कर जानकारी देंगे।

आधा भी नहीं हुआ टारगेट, सख्त हो सकता है आयकर विभाग

 

ग्वालियर रीजन के ऑफिस को 267 करोड़ का टारगेट दिया गया है। 31 दिसंबर 2017 तक आधा टारगेट भी पूरा नहीं हो सका है। जबकि वित्त वर्ष समाप्त होने में दो तीन महीने से कम का वक्त शेष है। टारगेट को लेकर प्रधान आयकर आयुक्त ने अधिकारियों की बैठक ली और उन्होंने टारगेट हासिल करने के लिए कार्य योजना मांगी है। इसको लेकर उन्होंने रीजन के अधिकारियों की बैठक भी की।