बिलासपुर। मन में संकल्प और दृढ़ इच्छा शक्ति हो तो कोई काम मुश्किल नहीं है। इस बात को चरितार्थ कर दिखाया है एक दिन की शेडो कलेक्टर चेतना देवांगन ने। मंगलवार को कलेक्टरी के दौरान उन्होंने कैंसर पीड़ित बच्चे के इलाज के लिए राशि जुटाने का संकल्प लिया था। मंगलवार का पूरा दिन कलेक्टोरेट में गुजारने के बाद बुधवार सुबह घर से अपनी मुहिम की शुरुआत की । मम्मी-पापा व चाचा से रुपए लेने के बाद कॉलेज के लिए रवाना हुई। कॉलेज में प्राध्यापकों व स्टूडेंट्स ने बढ़चढ़कर साथ दिया। एक दिन में चेतना ने 31 हजार 550 रुपए इकठ्ठा कर ली है।


एक दिन की कलेक्टर चेतना देवांगन ने वो कर दिखाया है जो आला अफसरों ने फरियाद के बाद भी कुछ नहीं कर पाए । शेडो कलेक्टर के दौरान चेतना जब कलेक्टर के साथ उनके चेंबर में बैठी थी उसी वक्त एक समाज सेविका आईं और रिक्शा चालक के 12 वर्षीय कैंसर पीड़ित बच्चे के इलाज के लिए मदद की गुहार लगाई । कलेक्टर ने उनको नियम कानून के जाल में उलझा दिया । पास बैठी चेतना ने तब मन ही मन संकल्प कर लिया कि वे जरूर कुछ करेगी। नईदुनिया से चर्चा के दौरान उन्होंने अपने संकल्प को दोहराया। जब वे इस बात को दोहरा रही थी तो चेहरे पर गजब का आत्मविश्वास झलक रहा था। लग ही रहा था कि कैंसर पीड़ित बच्चे के इलाज में मदद देने संकल्प के साथ हाथ उठाई चेतना के साथ कई और हाथ उठेंगे। बुधवार को हुआ भी वही । चेतना ने संकल्प की शुरुआत अपने घर से की। सुबह तय समय में उठी, घर में बने मंदिर में पूजा-अर्चना की । उसके बाद सीधे अपने पापा व चाचा के पास पहुंची। बिना भूमिका बांधे उन्होंने मदद के रूप में राशि की मांग की । पापा व चाचा को इसी बात का इंतजार था। पापा व चाचा से संकल्प की शुरुआत करने के बाद वे अपनी मम्मी के पास पहुंची। मम्मी ने मुंहमांगी रकम दी । इसके बाद वह डिग्री गर्ल्स कॉलेज के लिए रवाना हुई। कॉलेज के प्राचार्य,प्राध्यापक व छात्राओं ने चेतना के कॉलेज कैम्पस पहुंचते ही उसे हाथों-हाथ उठा लिया । डिग्री गर्ल्स कॉलेज में चेतना के साथ ही अधिकांश छात्राओं के हाथों में नईदुनिया अखबार लहरा रहा था । चेतना को अपने संकल्प के बारे में दोहराना नहीं पड़ा । प्राचार्य से लेकर प्राध्यापक व कॉलेज के छात्र-छात्राओं ने उनके सामने ही प्रस्ताव रख दिया। जिससे जो बन पड़ा उसकी झोली में रुपए डालते गए।


0 गर्ल्स कॉलेज की छात्राएं चलाएंगी मुहिम


चेतना के संकल्प को पूरा करने के लिए गर्ल्स डिग्री कॉलेज की छात्राओं ने एकजुट होकर इस मुहिम को चलाने का निर्णय लिया है। गुरुवार से छात्राएं कॉलेज-कॉलेज जाएंगी व कैंसर पीड़ित बच्चे के इलाज के लिए राशि इकठ्ठा करेंगी ।


0 छग ग्रामीण बैंक स्टाफ ने दी मदद


चेतना के पापा छत्तीसगढ़ ग्रामीण बैंक में कार्यरत हैं। बेटी के इस नेक काम में बैंक के मैनेजर सहित स्टाफ ने भी बच्चे के इलाज के लिए राशि दी है।