12 जनवरी को भगवान विष्णु की प्रिय एकादशी तिथि और देवी लक्ष्मी को समर्पित शुक्रवार का शुभ संयोग बन रहा है। वैसे तो समस्त एकादशियों पर भगवान विष्णु का विधि-विधान से पूजन करने का विधान है मगर आज किया गया पूजन देगा दोगुणा लाभ। देवी लक्ष्मी के स्वामी भगवान विष्णु का पूजन करने से देवी लक्ष्मी की कृपा अपने आप ही मिल जाती है।

 


एकादशी की रात को सोने से पूर्व किसी चौराहे पर तेल का दीपक जलाएं। दीपक जलाने के बाद पीछे मुड़कर न देखें और अपने घर को लौट आएं। ऐसा करने से धन से संबंधित सभी समस्याओं का हल हो जाएग। आपके घर में स्थाई लक्ष्मी वास करेंगी और जीवन भर धन-दौलत की कोई कमी नहीं रहेगी। यदि आप चाहे तो एकादशी पर व्रत भी रख सकते हैं। व्रत करने पर अक्षय पुण्यों की प्राप्ति होती है और भगवान विष्णु के साथ ही महालक्ष्मी की भी विशेष कृपा प्राप्त होती है।



पीपल के पेड़ को शास्त्रों में अश्वत्थ कहा गया है और इसे श्री हरि विष्णु का स्वरूप माना जाता है। जब पिप्पलाद मुनि ने पीपल के पेड़ के नीचे तपस्या करके शनि देव को प्रसन्न किया तत्पश्चात इस पेड़ का नाम पीपल पड़ा। शुक्रवार शाम पीपल के पेड़ पर तिल के तेल का दीपक जलाएं और 


‘ऊँ नमो भगवते वासुदेवाय’ 


मंत्र का पेड़ के नीचे ही बैठ कर 108 बार जाप करें। 


षटतिला एकादशी पर पीपल के पेड़ की पूजा करने से पति की उम्र लम्बी होती है और उन पर आने वाले कष्ट टलते हैं। कोर्ट कचहरी और मुकदमें में विजय प्राप्त होती है, धन से संबंधित परेशानियों से राहत मिलती है एवं व्यावसायिक परेशानियों से छुटकारा मिलता है।