जनवरी में प्याज के दाम में हुई रिकॉर्ड बढ़त. जिसके बाद अब उम्मीद जताई जा रही है कि अगले 15 दिनों में प्याज के दाम घट सकते हैं. जनवरी अंत से कीमतों में गिरावट मुमकिन है क्योंकि देश के सभी हिस्सों से खरीफ फसल की आवक शुरू हो जाएगी.


जनवरी में कभी नहीं हुई इतनी महंगी प्याज

बता दें कि इससे पहले जनवरी में प्याज के दामों में कभी इतनी ऊंचाई नहीं आई. क्योंकि जनवरी से पहले ही खरीफ क्रॉप की सप्लाई मार्केट में आने लगती है और इससे कीमतों में गिरावट का ट्रेंड रहता है. देश में प्याज के लिए बेंचमार्क माने जाने वाली लासलगांव मंडी में अभी इसकी कीमत 15 रुपये किलो से 35 रुपये प्रति किलो के बीच चल रही है. देश के ज्यादातर हिस्सों में प्याज का होलसेल दाम 30 रुपये प्रति किलो के करीब है. वहीं, इसकी खुदरा कीमत 30 से 50 रुपये प्रति किलो के बीच है.


इस वजह से महंगी हुई प्याज



> अक्टूबर के अंत में बारिश ने प्याज नर्सरियों में इसकी पौध को नुकसान पहुंचाया.

> मॉनसून की देरी से आवक से भी खरीफ क्रॉप में बुआई में देरी हुई.

> राजस्थान के अलवर और गुजरात के महुआ की खरीफ क्रॉप से दिल्ली को सप्लाई हो रही थी जो अब खत्म हो गई है.

> साथ ही पिछले साल का स्टोर किया हुआ प्याज भी खत्म हो चुका है.