उत्तर प्रदेश सरकार की मंत्री स्वाति सिंह मामले में अब बसपा प्रदेश अध्यक्ष रामअचल राजभर और पूर्व बसपा नेता नसीमुद्दीन सिद्दीकी और मेवालाल सहित 5 नेताओं के खिलाफ गृह विभाग ने पॉक्सो एक्ट के तहत मुकदमा चलाने की अनुमति दे दी है.

ऐसे में अब आने वाले दिनों में इन नेताओं की मुश्किले बढ़ सकती है. फिलहाल पुलिस इन लोगों के खिलाफ चार्जशीट दायर करने की तैयार कर रही है. गौरतलब है की 19 जुलाई 2016 को भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष बनाए जाने के बाद मऊ दौरे के दौरान दयाशंकर सिंह ने बसपा मुखिया मायावती पर आपत्तिजनक टिप्पणी करते हुए उनकी तुलना वेश्या से करते हुए बसपा पर टिकट बेचने का आरोप लगाया था.

जिसके बाद बसपाइयों ने प्रदेश भर में प्रदर्शन किया और 21 जुलाई को लखनऊ में नसीमुद्दीन सिद्दीकी, प्रदेश अध्यक्ष रामअचल राजभर और पार्टी सचिव मेवालाल की अगुवाई में प्रदर्शन के दौरान दयाशंकर सिंह, उनकी पत्नी स्वाति सिंह और बेटियों के खिलाफ आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल किया था. जहां बसपा कार्यकर्ताओं ने दयाशंकर की पत्नी और बेटी को 'पेश' करने की आवाज उठाई थी.

इस मामले में स्वाति सिंह ने 22 जुलाई 2016 को हजरतगंज कोतवाली में बसपा सुप्रीमो मायावती, तत्कालीन राष्ट्रीय महासचिव नसीमुद्दीन सिद्दीकी, प्रदेश अध्यक्ष रामअचल राजभर, राष्ट्रीय सचिव मेवालाल गौतम, नौशाद अली सहित अन्य नेताओं व कार्यकर्ताओं के खिलाफ रिपोर्ट लिखाई थी.


हालांकि, एफआईआर में पॉक्सो एक्ट शामिल नहीं किया गया था. स्वाति सिंह ने इस पर आपत्ति जताते हुए राज्यपाल से मिलकर बसपाइयों के अपशब्दों की सीडी सौंपी थी. सीडी के विश्लेषण के बाद नसीमुद्दीन को छोड़कर रामअचल राजभर, अतर सिंह रावत, नौशाद अली समेत 22 लोगों पर पॉक्सो एक्ट लगाया गया था लेकिन शासन से अनुमति न होने के चलते कार्रवाई नहीं हो पाई थी.

बीजेपी के पूर्व प्रदेश उपाध्यक्ष दयाशंकर सिंह स्वाति सिंह के पति हैं. दयाशंकर को पिछले साल बीएसपी सुप्रीमो मायावती के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणियों के बाद पार्टी से निष्कासित कर दिया गया था, हालांकि विधानसभा चुनाव में बीजेपी की प्रचंड जीत के बाद उन्हें वापस पार्टी में शामिल कर लिया गया था.