नई दिल्ली सुप्रीम कोर्ट जज विवाद मामले में सीपीआई नेता डी. राजा द्वारा सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस चेलमेश्वर से मुलाकात करने पर जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने सवाल खड़े किए हैं.


उमर ने ट्विटर पर डी. राजा द्वारा जस्टिस चेलमेश्वर से उनके घर जाकर मिलने को उतावलापन बताया है. उमर ने कहा कि, 'मेरे मन में आपके प्रति काफी सम्मान है, लेकिन जस्टिस चेलमेश्वर के घर जाने की जल्दबाजी, आपके उतावलेपन को दर्शाता है. आप उन लोगों के हाथों की कठपुतली बन रहे हैं, जो जजों की बातों को लेकर अविश्वास पैदा करना चाहते हैं.'

हालांकि, उमर के उलट वरिष्ठ वकील और बीजेपी नेता सुब्रमण्यम स्वामी ने सीपीआई नेता डी. राजा का बचाव किया है. स्वामी ने कहा कि क्या हुआ अगर उन्होंने जस्टिस चेलमेश्वर से मुलाकात की. ये कोई बड़ी बात नहीं है.

स्वामी ने कहा, 'तो क्या हुआ? ये कोई बड़ी बात नहीं है. डी राजा केवल एक राजनेता नहीं हैं, बल्कि वो संसद के सदस्य भी हैं.'


बता दें कि जस्टिस चेलमेश्वर समेत सुप्रीम कोर्ट के चार जजों द्वारा चीफ जस्टिस (सीजेआई) दीपक मिश्रा के खिलाफ सवाल उठाने पर डी. राजा ने जस्टिस चेलमेश्वर से मुलाकात की. मुलाकात के बाद कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया (सीपीआई) के नेता डी. राजा ने जस्टिस चेलमेश्वर से मुलाकात के बाद कहा कि जजों द्वारा उठाया गया कदम असाधारण है, और यह न्यायपालिका के गहरे संकट को दर्शाता है.

उन्होंने कहा कि जस्टिस चेलमेश्वर के साथ मेरा रिश्ता बहुत पुराना है. वे अपनी चिंताएं मेरे साथ बांटते हैं. अगर उनकी कुछ चिंताएं हैं, तो सांसदों को इस मामले पर विचार करके उसका हल ढूंढ़ने की जरूरत है.


'काबिल CJI बनने के लिए कुशलता और तेज दिमाग का होना जरूरी'


रिटायर्ड जज बिलाल नाजकी ने कहा कि मैंने 45 साल न्यायपालिका के साथ बिताया, लेकिन मौजूदा समय में गर्व करने की बात नहीं है. जस्टिस चेलमेश्वर 8 साल तक मेरे सहयोगी थे, वो कॉलेजियम के भी सदस्य रहे, हम संवैधानिक पीठ में साथ रहे.


उन्होंने कहा कि चेलमेश्वर एक धैर्यवान जज हैं. जरूर ही उन्होंने लंबे समय तक प्रतीक्षा की होगी. जज कोई भी बन सकता है, लेकिन एक काबिल चीफ जस्टिस बनने के लिए कुशलता के साथ-साथ तेज दिमाग का होना भी आवश्यक है.