इलाहाबाद। हिंदी के प्रख्यात साहित्यकार दूधनाथ सिंह शुक्रवार को पंचतत्व में विलीन हो गए। उनके बड़े बेटे अनिमेश ठाकुर ने मुखाग्नि दी। रसूलाबाद घाट पर अंतिम संस्कार के दौरान बड़ी संख्या में साहित्यकार, शुभचिंतक उनके अंतिम दर्शन करने पहुंचे। उनके आवास पर भी देर रात तक अभिन्न मित्रों और शुभचिंतकों का आना-जाना लगा रहा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और पूर्व मुख्यमंत्री व सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव समेत कई प्रमुख लोगों ने प्रख्यात साहित्यकार दूधनाथ सिंह के निधन पर गहरा दुख प्रकट करते हुए उन्हें अपनी श्रद्धांजलि दी है। 



गुरुवार को देर रात शहर के फीनिक्स हास्पिटल में इलाज के दौरान दूधनाथ सिंह ने अंतिम सांस ली। वह लंबे समय से प्रोस्टेट कैंसर से जूझ रहे थे। दिल्ली के अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में उनका इलाज चल रहा था। एक सप्ताह पूर्व वह इलाहाबाद आए थे, यहां हालत बिगडऩे पर उन्हें हास्पिटल में भर्ती कराया गया था। उनके निधन की सूचना से देश के साहित्यकारों में शोक की लहर दौड़ पड़ी।


उनके निधन के समय उनके दोनों पुत्र और पुत्री मौजूद थे। उनके शव को रात्रि में झूंसी स्थित आवास ले जाया गया। शुक्रवार को रसूलाघाट में दोपहर ढाई बजे उनका अंतिम संस्कार किया गया। उनके अंतिम दर्शन करने के लिए बनारस साहित्य जगत से उनके खास मित्र डा. गया सिंह और गोरखनाथ पांडेय भी पहुंचे। 


बड़ा बेटा इंजीनियर, छोटा प्रोफेसर 

साहित्यकार दूधनाथ सिंह के बड़े बेटे अनिमेश ठाकुर प्राइवेट कंपनी में इंजीनियर हैं, जबकि छोटे अंशुमान सिंह दिल्ली विश्वविद्यालय के दयाल सिंह कालेज में असिस्टेंट प्रोफेसर हैं। बेटी अनुपमा ठाकुर सरकारी कृषि बीमा निगम भोपाल में सेवारत हैं। दूधनाथ सिंह की पत्नी का निधन वर्ष 2014 में हो गया था। 


योगी और अखिलेश ने दूधनाथ सिंह को दी श्रद्घांजलि

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और पूर्व मुख्यमंत्री व सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव समेत कई प्रमुख लोगों ने प्रख्यात साहित्यकार दूधनाथ सिंह के निधन पर गहरा दुख प्रकट करते हुए उन्हें अपनी श्रद्धांजलि दी है। 

मुख्यमंत्री ने दिवंगत आत्मा की शांति की कामना करते हुए शोक संतप्त परिवारीजन के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त की है। दूधनाथ सिंह को उत्तर प्रदेश के सर्वोच्च साहित्य सम्मान भारत भारती, मध्य प्रदेश सरकार के मैथिलीशरण गुप्त सम्मान से भी सम्मानित किया गया था।


मूलत: बलिया जिले के रहने वाले दूधनाथ सिंह इलाहाबाद विश्वविद्यालय से वर्ष 1994 में अवकाश प्राप्त कर लेखन क्षेत्र में सक्रिय रहे। उन्होंने कई कालजयी रचनाएं देकर हिंदी साहित्य जगत की अतुलनीय शुरुआत की। पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने संतप्त परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की है और उन्हें यह दुख सहन करने की शक्ति देने की कामना की है। दूधनाथ सिंह ने उपन्यास, कहानी, नाटक, संस्मरण, कविता, आलोचना, सहित सम्पादन की विधाओं से हिंदी साहित्य को समृद्ध किया है।