पटना मुख्यमंत्री नीतीश कुमार अपनी विकास समीक्षा यात्रा के दौरान शुक्रवार को बक्सर के दौरे पर थे, जहां उनके काफिले पर जानलेवा हमला किया गया. नीतीश का काफिला जिस वक्त नंदन गांव से गुजर रहा था तो वहां के स्थानीय लोगों ने नीतीश के काफिले पर जमकर पथराव किया. इस घटना में नीतीश की सुरक्षा में लगे कई सुरक्षाकर्मियों को गंभीर चोट आई है. वहीं इस मामले पर राजनीति शुरू हो गई है.


जदयू ने आरोप लगाया कि नीतीश कुमार के काफिले पर हमला आरजेडी की सुनियोजित साजिश है. जदयू प्रवक्ता संजय सिंह ने कहा कि आरजेडी नीतीश के बक्सर दौरे को सफल नहीं होने देगी. इस बात के संकेत 9 जनवरी को ही मिल गए थे, जब आरजेडी के यूथ विंग के एक कार्यकर्ता विमलेश यादव ने अपने फेसबुक पोस्ट में कहा था कि नीतीश जिस दिन बक्सर पहुंचेंगे तो उनके कार्यक्रम को सफल नहीं होने देंगे. संजय सिंह ने आरोप लगाया कि विमलेश यादव के इस पोस्ट को पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव और पूर्व स्वास्थ्य मंत्री तेज प्रताप यादव ने शेयर किया था.


संजय सिंह ने कहा कि तेजस्वी यादव के द्वारा विमलेश यादव के पोस्ट को शेयर करने से साफ संकेत मिलते हैं कि नीतीश कुमार पर बक्सर में हुए हमले में तेजस्वी यादव और हमलावर मिले हुए हैं. संजय सिंह ने कहा कि बक्सर में हमला नीतीश पर नहीं बल्कि बिहार के मुख्यमंत्री पर हुआ है. यह एक सुनियोजित साजिश के तहत किया गया है. संजय सिंह ने कहा कि इस साजिश के पीछे कौन शामिल था और पूरी साजिश क्या थी इस बात का पता जल्दी पुलिस जांच में चल जाएगा.


जदयू ने कहा कि नीतीश कुमार के काफिले पर हमले को लेकर तेजस्वी यादव ने शुक्रवार को जो बयान दिया था उसमें उन्होंने कहीं भी इस घटना की निंदा नहीं की थी जो बेहद शर्मनाक बात है. जदयू के आरोप का जवाब देते हुए आरजेडी ने कहा कि जदयू के प्रवक्ता बिना किसी साक्ष्य के तेजस्वी यादव पर बेबुनियाद आरोप लगा रहे हैं.


पार्टी प्रवक्ता मृत्युंजय तिवारी ने कहा कि अगर विमलेश यादव के खिलाफ पुलिस को जांच में कोई भी सबूत मिलता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई कर सकती है. लेकिन बिना जांच पूरी हुए तेजस्वी यादव पर आरोप लगा देना सरासर गलत है.