लखनऊ। प्रदेश की राजधानी की राजनीति को गरमाने वाले लखनऊ में विधानभवन के सामने आलू फेंकने के मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने कल कन्नौज से समाजवादी युवजन सभा के दो कार्यकर्ताओं को इस मामले में गिरफ्तार किया है। आज उनको लखनऊ में पेश किया गया। इस घटना में समाजवादी पार्टी की साजिश है।


लखनऊ में विधानसभा मार्ग के साथ ही अन्य वीआइपी सड़कों पर आलू फेंकने के मामले में समाजवादी पार्टी की साजिश सामने आ गई है। पुलिस ने कल रात कन्नौज से दो लोगों को गिरफ्तार किया है। इससे तय हो गया है कि यह बड़ी साजिश समाजवादी पार्टी के नेताओ ने रची थी। बताया जा रहा है कि आलू फेंकने की योजना अखिलेश यादव के दो करीबी नेताओं ने मिल कर बनाई थी। भाजपा ने पहले ही आलू फेंकने की घटना को योगी आदित्यनाथ सरकार ने बदनाम करने की साजिश बताया था।


गिरफ्तार शिवेंद्र सिंह उर्फ कुकू चौहान  नगर पंचायत का चुनाव लड़ा था। संदीप उर्फ विक्की यादव ने गाडिय़ां अरेंज की थी। इनमें दीपेंद्र सिंह सिंह चौहान तो कुक्कू का सगा भाई है। इनके साथ ही साजिश में जिला पंचायत अध्यक्ष शिल्पी कटियार का पति संजू कटियार, ग्राम प्रधान प्रदीप सिंह उर्फ बंगाली तथा कन्नौज से नगर पंचायत का चुनाव लडऩे वाले जय कुमार तिवारी उर्फ बड़े बऊवन शामिल हैं। 


यह लोग कन्नौज के तिर्वा से आठ डाला में आलू भरकर लखनऊ लाए थे। यहां पर पुलिस को सीसीटीवी फुटेज से लेकर तमाम सुबूत मिले। कन्नौज के समाजवादी पार्टी के नेता शिवेंद्र सिंह उर्फ कुक्कू चौहान के करीबी अंकित सिंह और डाला ड्राइवर संतोष पाल को गिरफ्तार किया गया है। इस बड़ी साजिश में कन्नौज के जिला पंचायत अध्यक्ष का पति संजू कटियार और कुक्कू चौहान समेत कई लोग शामिल थे। यहां पर आलू फेंकने के लिए ठठिया के कोल्ड स्टोरेज से आलू को खरीदा गया था। 


लखनऊ की सड़कों पर आलू फेंकने वाले लोग रात में मॉल एवेन्यू में रुके थे। पुलिस इस घटना में शामिल अन्य फरार लोगों की भी तलाश कर रही है। घटना में शामिल सभी लोग समाजवादी पार्टी से जुड़े है।


लखनऊ में विधान भवन के सामने सहित राजभवन तथा मुख्यमंत्री आवास के पास सुबह आलू फेंकने के मामले में कन्नौज का नाम सामने आ गया है। पुलिस ने कल यहां से समाजवादी युवजन सभा के दो कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया है। कल रात जिले में छापेमारी कर लखनऊ क्राइम ब्रांच व हजरतगंज थाने की पुलिस ने दो लोगों को उठाया है। इस प्रकरण में अभी कुछ बड़ों की भूमिका को लेकर टीमें पड़ताल में जुटी हैं। 

लखनऊ क्राइम ब्रांच और हजरतगंज पुलिस ने ठठिया, तिर्वा, कन्नौज सदर से जुड़े तीन दर्जन गांवों में छापेमारी की। इसके बाद टीम पूरी रात जिले में डटी रही। ठठिया थाने के पास से आलू फेंकने वाले लोडर के चालक को टीम ने उठाया। उसका नाम संतोष पाल बताया गया है। यहां से टीम तिर्वा कोतवाली पहुंची और फगुहा गांव से दूसरे आरोपी अंकित चौहान को उठाया। बताते हैं कि आलू फेंकते समय विधान भवन के सामने सीसीटीवी कैमरों में उनकी फोटो कैद होने से पुलिस यहां तक पहुंची। इसके बाद टीम ने अलग-अलग गांवों में छापेमारी की लेकिन कोई पकड़ा नहीं जा सका।


छापेमारी शुरू करने के बाद क्राइम ब्रांच, हजरतगंज पुलिस की टीमें कल तड़के चार बजे तक जिले में रहीं। उनके साथ सर्विलांस टीम, ठठिया थाना, तिर्वा व कन्नौज सदर कोतवाली की टीमें शामिल थीं। आलू कारोबार से जुड़े कुछ लोगों पर भी टीम ने निगाह डाली है। जल्द इन पर भी शिकंजा कसा जाएगा। 


लोडर में ठठिया के पास लादा आलू 


विधानभवन व लखनऊ की सड़कों पर फेंके गए आलू ठठिया स्थित एक कोल्ड स्टोरेज के पास से लादे गए थे। इसके बाद लोडर के आगे-पीछे तीन से चार कारों में अन्य लोग भी लखनऊ पहुंचे। तय रणनीति के तहत आलू विधान भवन के सामने से आगे तक तड़के चार बजे फेंके गए। इसके बाद सभी वहां से निकल आए पर यह नजारा विधान भवन व हाई सिक्योरिटी जोन सड़कों पर लगे विशेष सीसीटीवी कैमरों में कैद हो गया। 


एसपी कन्नौज हरीश चंदर ने बताया कि लखनऊ से क्राइम ब्रांच समेत अन्य टीमें आई थीं। उनकी मदद में जिले की पुलिस टीमों को लगाया गया था। किसी गोपनीय मामले को लेकर पुलिस ने कार्रवाई की है। छापे के पीछे कारणों की कोई जानकारी नहीं है। आगे निर्देश मिलने के बाद पुलिस अपना काम करेगी।  


एसएसपी दीपक कुमार ने बताया कि लखनऊ के राजभवन, विधानसभा और मुख्यमंत्री आवास के सामने से लेकर 1090 चौराहे तक आलू फेंकने के पीछे राजनीतिक साजिश थी। हजरतगंज पुलिस आलू फेंकने वाले लोडर चालक सहित तीन लोगों को कन्नौज से पकड़ा। पुलिस ने कन्नौज ठठिया कस्बे में दबिश के दौरान लोडर भी जब्त किया है। पुलिस का कहना है कि आलू सरकार को निशाना बनाने के लिए फेंके गए थे।


एसएसपी दीपक कुमार ने बताया कि सीओ हजरतगंज अभय कुमार मिश्रा ने करीब 10 हजार से ज्यादा नम्बरों को खंगाला। उसमें एक संदिग्ध नंबर संतोष पाल का मिला। जांच के दौरान बात साफ हो गई कि संतोष की गाड़ी सुबह 3.45 बजे इसी इलाके में सुबह में मिली थी। फुटेज में कन्नौज की गाड़ी दिखी। पुलिस ने पता लगाया और फिर आरोपियों को पकड़ा। आरोपी ने कबूला कि हम लोगों ने आलू फेंका था।एसएसपी ने बताया कि लोडर चालक ने जो नाम बताएं उनके मोबाइल फोन की कॉल डिटेल निकलवाई तो बात सही निकली। पुलिस ने इस कांड में शामिल नेताओं के मोबाइल फोन की कॉल डिटेल के आधार पर कई अन्य नेताओं को भी साजिश का हिस्सा बनाया है। या रिपोर्ट जल्दी गृह विभाग को भेजी जाएगी। फि़लहाल योगी सरकार की किरकिरी करने वाले इस किस्से का पुलिस ने खुलासा कर दिया है।


इस मामले में रिपोर्ट बनाकर गृह विभाग को भेजी गई है। माल एवेन्यू स्थित पार्टी के दफ्तर में फ्रंटल संगठनों के पदाधिकारी एकत्र हुए और आलू एक लोडर में भरा गया। आधी रात के बाद लोडर राज भवन की तरफ रवाना किया गया। इसमें बैठे मजदूर बोरे काटकर आलू फेंकते जा रहे थे।


लोडर के आगे पीछे राजनीतिक पार्टी के नेता कारों से चल रहे थे। सीसीटीवी फुटेज में भी लोडर के आसपास कारें चलती नजर आ रही हैं। पुलिस ने लोडर चालक से पूछताछ की तो राजनीतिक साजिश की पुष्टि हो गई।

लखनऊ की सड़कों पर 6 जनवरी को आलू सुबह के वक्त देखने को मिला था । विरोधी दल के नेता इसे किसानों का गुस्सा बता रहे थे। उस वक्त कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने कहा-सड़कों पर सड़े आलू फेंकवाए गए। विपक्ष योगी सरकार को बदनाम करने की साजिश कर रहा है।

इस मामले में 12 घंटे बाद लखनऊ एसएसपी दीपक कुमार के आदेश जारी करते हुए एक सब- इस्पेक्टर और 4 सिपाहियों को सस्पेंड कर दिया। गौतमपल्ली थाना क्षेत्र के सब इंस्पेक्टर प्रमोद कुमार ( ड्यूटी पर नाइट ऑफिसर), कांस्टेबल अंकुर चौधरी, वेदप्रकाश, हजरतगंज थाने के कांस्टेबल कोमल सिंह, नवीन कुमार तत्काल प्रभाव से सस्पेंड करने का साथ जांच का आदेश दिया गया।