प्रदेश में अधीनस्थ सेवा चयन आयोग में अध्यक्ष व सदस्यों की नियुक्ति न होने से प्रतियोगी छात्रों का भविष्य अधर में लटक गया है. प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले बेरोजगार छात्रों ने राज्य सरकार जल्द अधीनस्थ सेवा चयन आयोग के पुर्नगठन की मांग की है.


इस मामले में प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री और राज्य सरकार के प्रवक्ता सिद्धार्थ नाथ सिंह का कहना है कि सरकार इस मामले को लेकर पूरी तरह से गम्भीर है और जल्द ही आयोग में अध्यक्ष और सदस्यों की नियुक्ति पर सरकार फैसला ले लेगी.


प्रतियोगी छात्र सुभाष पटेल का कहना है कि पिछले दस महीनों से लगातार मांग किए जाने के बावजूद सरकार ने चयन आयोग में अध्यक्ष व सदस्यों की नियुक्ति नहीं की है. जिससे यूपी अधीनस्थ सेवा चयन आयोग के माध्यम से होने वाली सभी भर्तियां रुकी हुईं है.


अधीनस्थ सेवा चयन आयोग के अस्तित्व में न होने से 40 हजार अभ्यर्थी सीधे तौर पर प्रभावित हो रहे हैं. इसके साथ ही ग्राम विकास अधिकारी, गन्ना पर्यवेक्षक सहायक लेखाकार और कनिष्ठ सहायक के पदों की भर्तियों का साक्षात्कार भी बीच में रुका हुआ है.