बिलासपुर। शहर का पानी लैब टेस्ट में फेल हो गया है। इसमें ई कोलाई नाम की बैक्टीरिया मिली है। इसे सुधारने हाईकोर्ट ने नगर निगम से उनकी कार्ययोजना प्रस्तुत करने कहा है। वहीं राज्य शासन ने भी अब निगम को पत्र लिखा है। इसमें सार्वजनिक जगहों पर आरओ वाटर की व्यवस्था करने का निर्देश दिया गया है। इसके लिए कई जगहों पर वाटर एटीएम स्थापित की जाएंगी।

हाईकोर्ट ने प्रदेश के शहरी क्षेत्रों में प्रदूषित पेयजल सप्लाई को लेकर राज्य शासन की जमकर फटकार लगाई है। पूरे मामले में नगर निगम को कोर्ट में शपथ पत्र देने के निर्देश दिए गए हैं। इधर हाईकोर्ट की सख्ती के बाद राज्य शासन भी हरकत में आ गया है।

नगर निगम को निर्देशित किया गया है कि वह सार्वजनिक जगहों पर आरओ वाटर प्लांट लगाए, ताकि लोगों को कुछ चिन्हांकित जगहों पर साफ पानी मिल सके। लोग चाहें तो इस आरओ वाटर का अपने घर में भी उपयोग कर सकें। शासन से निर्देश जारी होते ही आरओ प्लांट बनाने वाली कंपनियों ने नगर निगम से संपर्क करना शुरू कर दिया है।

तैयारी है कि शहर में आरओ वाटर के साथ ही चिलर प्लांट भी लगाया जाए। इससे लोगों को विशेषकर गर्मी के समय में साफ और ठंडा पानी मिल सके। अब नगर निगम आरओ प्लांट के लिए शहर में जगह का चयन शुरू करने वाला है।

प्लांट ऐसी जगहों पर लगाए जाएंगे, जहां अधिक से अधिक लोग उसका उपयोग कर सकें। हाईकोर्ट से मिली फटकार के बाद अब शासन और निगम भी शुद्घ पेयजल सप्लाई करने को लेकर हरकत में आ गए हैं।

शहर में 6 आरओ प्लांट पहले से

नगर निगम की पूर्व आयुक्त रानू साहू के कार्यकाल में सार्वजनिक जगहों पर आरओ प्लांट लगाने की शुरुआत की गई थी। एक रुपए में 5 लीटर पानी देने वाली इस योजना के तहत 6 सार्वजनिक जगहों पर प्लांट लगाए गए हैं। अब उनकी संख्या बढ़ाने की तैयारी है।

प्रदूषण का ग्राफ ज्यादा

शहर के घरों में सप्लाई होने वाले पानी में प्रदूषण की मात्रा ज्यादा है। ऐसे में आरओ वाटर से इसे काफी हद तक कम करने की योजना बनाई जा रही है। हालांकि आरओ प्लांट में भी निगम द्वारा सप्लाई की जाने वाला पानी ही आएगा।

चार स्टॉफ के भरोसे 56 हजार घरों में पेयजल सप्लाई

नगर निगम में पेयजल सप्लाई का काम एक एई, दो सब इंजीनियर और एक टाइम कीपर के भरोसे चल रहा है। बाकी पूरा काम ठेकेदारों के भरोसे है। पानी टंकियों में सुरक्षा के कोई उपाय नहीं हैं। निगम के पास लैब है, लेकिन प्रशिक्षित केमिस्ट नहीं हैं। इन सबको देखते हुए नगर निगम ने अब शासन को 48 कर्मचारी उपलब्ध कराने मांग पत्र भेजा है। इसके अलावा एनएबीएल स्तर का लैब भी शहर में बनाने की मांग की गई है।

अमृत मिशन से है उम्मीद

शहर की पूरी पेयजल व्यवस्था बिना किसी ट्रीटमेंट के लोगों को सप्लाई की जाती है। ऐसे में केंद्र सरकार से स्वीकृत अमृत मिशन योजना से ही निगम को काफी उम्मीदें हैं। इस योजना के तहत बिरकोना में ट्रीटमेंट प्लांट भी तैयार किया जाएगा। इसके बाद लोगों को साफ पेयजल की सप्लाई होगी।

आरओ प्लांट लगाने का निर्देश शासन से आया है। शहर में पहले से ही 5 सार्वजनिक जगहों पर प्लांट लगे हुए हैं। नई जगह की तलाश कर और भी नए प्लांट लगाए जाएंगे। - सौमिल रंजन चौबे, आयुक्त, नगर निगम