भोपाल। मप्र के 20 नगरीय निकाय चुनावों में किस्मत आजमा रहे 76 उम्मीदवारों में से एक तिहाई करोड़पति हैं, जबकि 16 फीसदी यानी 12 उम्मीदवारों के खिलाफ आपराधिक मामले दर्ज हैं। एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (एडीआर) और मप्र इलेक्शन वॉच के अध्ययन में यह स्थिति सामने आई है।


एडीआर ने पहली बार नगरीय निकायों के उम्मीदवारों की पृष्ठभूमि पर यह अध्ययन किया है। इसमें बताया गया कि जिन 12 के खिलाफ आपराधिक मामले हैं, इसमें नौ पर हत्या और हत्या के प्रयास जैसे गंभीर मामले दर्ज हैं। इसमें भाजपा के तीन, कांग्रेस के दो, शिवसेना का एक और छह निर्दलीय उम्मीदवार हैं।


25 उम्मीदवार करोड़पति


उम्मीदवारों की वित्तीय पृष्ठभूमि देखी जाए तो चुनाव मैदान में उतरे एक तिहाई उम्मीदवार करोड़पति हैं। इसमें सबसे ज्यादा संपत्ति धार से निर्दलीय प्रत्याशी अशोक कुमार की है। उन्होंने शपथ पत्र में 13 करोड़ रुपए की संपत्ति घोषित की है। भाजपा के नौ, कांग्रेस के आठ और आठ निर्दलीय प्रत्याशी करोड़पति हैं। अध्ययन के मुताबिक चुनाव लड़ रहे प्रत्याशियों की औसत संपत्ति एक करोड़ 63 लाख रुपए है, जबकि पीथमपुर से शिवसेना की उम्मीदवार अन्नूबाई के पास सिर्फ 500 रुपए की संपत्ति है।


45 प्रतिशत 5वीं से 12वीं तक पढ़े


उम्मीदवारों की शैक्षणिक योग्यता का अध्ययन करने पर सामने आया कि 45 प्रतिशत यानी 34 उम्मीदवारों ने अपनी शिक्षा पांचवीं से 12वीं तक बताई है। वहीं 28 उम्मीदवार ग्रेजुएट या इससे ज्यादा पढ़े-लिखे हैं। निकाय चुनाव में 36 महिला उम्मीदवार हैं।


सबसे ज्यादा संपत्ति वाले उम्मीदवार


नाम नगरीय निकाय पार्टी संपत्ति


अशोक कुमार धार निर्दलीय 13 करोड़ 29 लाख


पर्वत सिंह धार कांग्रेस 10 करोड़ 20 लाख


मीनाक्षी लोकेश शुक्ला पानसेमल भाजपा 7 करोड़ 82 लाख


अनिल जैन धार भाजपा 7 करोड़ 26 लाख


संतोष बड़वानी कांग्रेस 7 करोड़ 6 लाख


(संपत्ति रुपए में)


सबसे ज्यादा आपराकि मामले वाले उम्मीदवार


नाम नगरीय निकाय पार्टी कुल मामले


ननेश राजपुर कांग्रेस 07


जिया उल हक धरमपुरी निर्दलीय 06


जामिला बी पीथमपुर निर्दलीय 11


विष्णु पाटीदार धामनोद निर्दलीय 07


कैलाश दाही भाजपा 03