जयपुर. मकर संक्रांति से ठीक एक दिन पहले शनिवार तड़के चार बजे हुए दर्दनाक हादसे ने पूरे शहर को झकझोर दिया। शॉर्ट सर्किट से लगी आग में दादा, पोते, दो पोतियों समेत पांच लोग जिंदा जल गए। वो भी आंखों के ठीक सामने। कोई कुछ न कर सका। बचाने के लिए आए फायर ब्रिगेडकर्मी तो पाइप का नोजल तक फिट नहीं कर पाए। सीढ़ी तक नहीं लगा पा रहे थे। आग बुझाने आए भी तो चप्पल पहनकर, बिना मास्क के।



मदद के लिए चीखते हुए चली गई 5 जानें


- हादसा विद्याधर नगर सेक्टर नौ में रहने वाले संजीव गर्ग के मकान में हुआ। दुर्घटना में उनके पिता महेन्द्र गर्ग, बेटी अपूर्वा-अर्पिता, बेटे अनिमेश और साले के बेटे शौर्य की मौत हो गई। शौर्य मकर संक्रांति मनाने के लिए दो दिन पहले ही जयपुर आया था। संजीव गर्ग पत्नी के साथ आगरा गए थे। संजीव की रींगस में वायर फैक्ट्री है।


- प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार करीब पांच से सात मिनट तक दादा और पोतियां मदद के लिए चिल्लाते रहे लेकिन लोग आग की विकरालता के कारण समय रहते मदद नहीं कर सके।


- पड़ोसियों के अनुसार समय रहते अगर रेस्क्यू किया जाता तो अनिमेश और शौर्य की जान बचाई जा सकती थी। दोनों तक तो आग पहुंची भी नहीं, उनकी तो दम घुटने से ही मौत हो गई।


- आग सुबह करीब साढ़े तीन बजे ग्राउंड फ्लोर पर वायर या हीटर में शार्ट सर्किट से लगी। आग तेजी से भड़की। आग लगने के 20 मिनट बाद घर में पीछे की ओर जोर के धमाके के साथ सिलेंडर भी फट गया।


- आग खत्म होने के बाद लोगों ने फर्स्ट फ्लोर के कमरे से अनिमेश और शाैर्य को रस्सी से नीचे उतारा। अस्पताल पहुंचाया, जहां उनकी मौत हो गई।


फायर ब्रिगेड ने 300 मीटर अाने में घंटाभर लगा दिया


1. पुलिस को तड़के 4.43 बजे सूचना मिली। विद्याधर नगर थाने की चेतक चार मिनट बाद ही एक किलोमीटर की दूरी तय करके पहुंच गई। पुलिस फायर ब्रिगेड कर्मियों को फोन करती रही, लेकिन फायर ब्रिगेड की गाड़ी ने आने में करीब एक घंटा लगा दिया।


2.वीकेआई फायर स्टेशन के तीनों फायरमैन हरफूल बराला, हेमेन्द्र सिंह और अनूप सिंह जाजोरिया आग बुझाने गए। लेकिन वे ना तो फायर ब्रिगेड की सीढ़ी लगा पाए और न पाइप का नोजल लगाकर पानी फेंक पाए।


3.45 मिनट में पांच फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंचीं, लेकिन आग नहीं बुझा पाईं। जो कर्मचारी मौके पर पहुंचे उनके पास दरवाजे-खिडकियां तोड़ने के लिए सरिए, भारी हथौड़े तक नहीं थे।


4. कलेक्ट्रेट के कंट्रोल रूम का फोन महज 750 रुपए का बिल न भरे जाने की वजह से दो दिन पहले ही कटा था। ऐसे में प्रशासन को हादसे की जानकारी हीं नहीं मिल पाई। आपदा प्रबंधन विभाग तक बेखबर रहा।


तीन फायर ब्रिगेड कर्मी सस्पेंड


हादसे के बाद मेयर अशोक लाहोटी और आयुक्त रवि जैन ने फायरमैन हरफूल बराला, हेमेन्द्र सिंह और अनूप सिंह जाजोरिया को निलंबित करने के आदेश दिए हैं। सहायक अग्निशमन अधिकारी राजेन्द्र नागर और कार्यवाहक मुख्य अग्निशमन अधिकारी जलज घसिया के विरुद्ध 17 सीसीए नियमों के अंतर्गत विभागीय अनुशासनात्मक कार्यवाही के आदेश दिए गए।