जबलपुर। मध्यप्रदेश हाई कोर्ट ने लव जिहाद पीड़ित युवती को उसके माता-पिता के साथ भेजे जाने की व्यवस्था दे दी। न्यायमूर्ति सुबोध अभ्यंकर की एकलपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई। इस दौरान बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिकाकर्ता बनखेड़ी होशंगाबाद निवासी पीड़ित पिता की ओर से अधिवक्ता समता जैन व नितिन जैन ने पक्ष रखा। उन्होंने दलील दी कि सुहैल खान नामक युवक ने गुंडागर्दी करते हुए पीड़ित पिता की बेटी को बंधक बना लिया है।


यह मामला लव जिहाद से जुड़ा है। चूंकि युवती को बरगलाया गया है, अत: उसे हाई कोर्ट के समक्ष प्रस्तुत कराया जाना चाहिए। हाई कोर्ट ने निर्देश जारी किए। इस पर युवती को सुहैल खान के चंगुल से आजाद कराकर पेश किया गया। युवती ने अपने बयान में माता-पिता के साथ जाने की बात स्वीकार की। इसे ध्यान में रखते हुए कोर्ट ने युवती को माता-पिता से साथ भेजे जाने की व्यवस्था दे दी।


बंधक एक बच्चे को दे चुकी है जन्म


इस मामले में खास बात यह है कि बंधक बनाई गई युवती ने अस्पताल में एक बच्चे को जन्म दिया है। इसके बावजूद उसने अपने बयान में माता-पिता के साथ जाने की बात कही। इसे ध्यान में रखकर कोर्ट ने अपना निर्णय सुनाया। कोर्ट ने यह कदम इसलिए भी उठाया क्योंकि युवती के माता-पिता अपनी बेटी को वापस साथ रखने तैयार थे। कोर्ट ने बेटी और उसके बच्चे की देखभाल ठीक से करने के निर्देश के साथ युवती को उसके बच्चे सहित माता-पिता के हवाले किया।