बिलासपुर । मुख्यमंत्री जी ...मैं किसान हूं और बेहद गरीब भी। मेरी एक एकड़ जमीन को वन विभाग ने बीते 10 सालों से घेर लिया है। मुआवजा या बदले में जमीन के लिए आवेदन दे-देकर थक गया हूं। अब दो मीटर रस्सी दिला दीजिए, जिससे अन्य किसानों की तरह मैं भी फांसी लगा लूं।


ये पीड़ा है बिलासपुर जिला मुख्यालय से लगी सकरी नगर पंचायत के किसान दिलहरण लाल भार्गव (61) की। उसने लोक सुराज अभियान में मुआवजा या फिर जमीन के बदले जमीन की मांग को लेकर शनिवार को तीसरी बार आवेदन दिया है। वह कलेक्टोरेट से लेकर वन विभाग और राजस्व कार्यालय जिसमें तहसीलदार,पटवारी व एसडीएम का कार्यालय का चक्कर काटकर थक चुका है। इस बार उसके सब्र का बांध टूट गया। लिहाजा, मुख्यमंत्री से फांसी के लिए रस्सी की मांग कर डाली।


दिलहरण ने बताया कि स्मृति वाटिका नर्सरी और कानन पेंडारी जू के बीच में उसकी एक एकड़ से ज्यादा जमीन है, जिसे वन विभाग ने कांटा तार से घेर लिया है। घेरा वर्ष 2007-08 में किया गया। वन विभाग के अफसरों ने कहा था कि मुआवजा मिलेगा और जमीन के बदले जमीन भी दी जाएगी। मेरे जमीन से लगे विद्याप्रकाश शर्मा और डॉ. आरएस त्रिपाठी की जमीन का भी इसी तरह से अधिग्रहण हुआ। वन विभाग ने दोनों भू-स्वामियों को मुआवजा और जमीन के बदले जमीन भी दी है। मेरी पहुंच नहीं है। इसलिए विभाग आत्महत्या करने पर मजबूर कर रहा है।