नागौर में प्रायोगिक परीक्षा केन्द्र बीआर मिर्धा कॉलेज में करवाने सहित सात सूत्री मांगों को लेकर छात्रों ने शनिवार रात अनशन खत्म कर दिया. वहीं छात्रोंं ने कहा कि हाईकोर्ट में केवियट दाखिल करने के बाद वे धरना समाप्त करेंगे.


जानकारी के मुताबिक प्रायोगिक परीक्षा का केन्द्र निजी महाविद्यालयों के बजाय बीआर मिर्धा राजकीय महाविद्यालय में रखने सहित सात सूत्री मांगों को लेकर तीन दिन पहले अनशन पर बैठे कॉलेज छात्र शनिवार को लिखित आदेश लेने की बात को लेकर अड़े रहे. आखिरकार रात में विश्वविद्यालय का आदेश मिलने के बाद छात्रों ने अनशन तोड़ दिया.


गौरतलब है कि चार दिन पहले कॉलेज छात्रों ने विभिन्न मांगों को लेकर कॉलेज परिसर में धरना दिया था. इस पर किसी प्रकार की सुनवाई नहीं होने पर छात्रों ने रात को भी कॉलेज के बाहर धरना जारी रखा. इसके बाद 12 छात्रों ने अनशन शुरू कर दिया. पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष एवं एनएसयूआई और एबीवीपी के छात्र नेता भी छात्रों के साथ हो गए तथा कलक्ट्रेट पहुंचकर प्रदर्शन कर कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा.


आपको बता दें कि शुक्रवार रात को एक छात्र की तबीयत बिगड़ने के बाद उसे एम्बुलेंस से जेएलएन अस्पताल में भर्ती कराया गया. जहां उपचार के बाद शनिवार सुबह छात्र हड़मान लोमरोड़ धरना स्थल पर पहुंच गया. दोपहर करीब 12 बजे जेएलएन अस्पताल से डॉ. विकास चौधरी और डॉ. अलकेन्द्र टीम के साथ धरना स्थल पर पहुंचे तथा अनशनकारी छात्रों का मेडिकल चेकअप किया.