कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी गुजरात में शिवभक्त के रूप में नजर आए. उन्होंने सोमनाथ मंदिर के साथ ही तमाम मंदिरों के दर्शन किए. अब राहुल गांधी उत्तर प्रदेश में अपने संसदीय क्षेत्र अमेठी के दौरे पर हैं.


दिलचस्प ये है कि उत्तर प्रदेश में राहुल गांधी हनुमान भक्त ज्यादा नजर आते हैं. कारण ये है कि चाहे वह उनकी यूपी विधानसभा चुनाव से पहले की किसान यात्रा हो या वर्तमान अमेठी यात्रा, सभी जगह हनुमान मंदिर केंद्र में है.


अपने दो दिन के अमेठी दौरे की शुरुआत सोमवार को राहुल गांधी ने रायबरेली के चुरवा में हनुमान मंदिर के दर्शन करने के बाद की.  मंगलवार दोपहर गौरीगंज में डाकघर गली से राहुल गांधी पद यात्रा शुरू करेंगे, जो हनुमान मंदिर पर समाप्त होगी. राहुल पद यात्रा कर लोगों का अभिवादन स्वीकार करने के साथ ही हनुमान मंदिर में दर्शन-पूजन भी करेंगे.


जब 26 साल बाद गांधी परिवार का सदस्य अयोध्या पहुंचा



बता दें कि यूपी विधानसभा चुनाव से पहले प्रदेश में कांग्रेस के पक्ष में माहौल बनाने के लिए राहुल गांधी ने 2016 में किसान यात्रा की. ये यात्रा देवरिया से शुरू हुई कई जिलों से होते हुए दिल्ली में समाप्त हो गई. उस समय राहुल गांधी ने अयोध्या में प्रसिद्ध हनुमानगढ़ी मंदिर में पूजा अर्चना की. 26 साल बाद गांधी परिवार का कोई सदस्य अयोध्या पहुंचने से तरह-तरह के कयास लगने लगे.


बता दें कि वर्ष 1992 में बाबरी मस्जिद विध्वंस के बाद गांधी परिवार के किसी सदस्य का अयोध्या का यह पहला दौरा रहा. 26 साल पहले राहुल के पिता और पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी ने अयोध्‍या की यात्रा के दौरान हनुमानगढ़ी मंदिर जाने की योजना बनाई थी, लेकिन समय के अभाव के चलते वे नहीं जा सके. सोनिया गांधी भी 1992 के बाद से अयोध्‍या नहीं गई हालांकि चुनाव अभियान के सि‍लसिले में वह फैजाबाद जा चुकी हैं.


दिलचस्प बात ये है कि राहुल गांधी किसान यात्रा के दौरान जब फ़ैज़ाबाद आए तो अचानक उनका अयोध्या और हनुमानगढ़ी में दर्शन का भी कार्यक्रम शामिल कर लिया गया. वैसे इस यात्रा में पहले अयोध्या का कार्यक्रम नहीं था.


'गुजरात चुनाव हारने के बाद हनुमान याद आ रहे'

उधर राहुल के हनुमान मंदिर जाने पर सियासत भी तेज हो गई है. बीजेपी जहां इसे राजनीतिक भक्ति करार दे रही है. मामले में बीजेपी प्रवक्त शलभ मणि त्रिपाठी कहते हैं कि यूपी चुनाव में राहुल गांधी को मंस्जिद, मजार और अजान याद आती थी. अब गुजरात चुनाव हारने के बाद राहुल को हनुमान याद आ रहे हैं.


उधर बीजेपी के प्रवक्ता राकेश त्रिपाठी कहते हैं कि राहुल गांधी पूरी तरह से मौकापरस्त हैं. असल में मंदिरों के दर्शन उनकी राजनैतिक भक्ति है. उन्होंने कहा कि भक्ति भाव अंतर्मन में होता है. अगर वह इतने ही सच्चे भक्त हैं तो कांग्रेस का अध्यक्ष बनने के बाद मंदिर दर्शन् करने क्यों नहीं गए. राकेश कहते हैं कि हिंदू परंपरा के अनुसार व्यक्ति के जीवन में शुभ या कुछ भी विशेष होता है तो वह मंदिर के दर्शन् करता है.


लेकिन राहुल गांधी सिर्फ जनता में संदेश देने के लिए सॉफ्ट हिंदुत्व की राजनीति कर रहे हैं. सिर्फ राजनीतिक भक्ति जागृत कर रहे हैं. उन्होंने भगवान राम के लिए कभी कुछ किया नहीं किया. रामसेतु का विरोध किया. आज राम के सबसे बड़े उपासक की पूजा से क्या लाभ है.


'बीजेपी अपने छद्म​ हिंदुत्व में फेल साबित हुई है'

वहीं कांग्रेस इस तरह के सभी आरोपों को दरकिनार करती है. इस पूरे मामले पर कांग्रेस प्रवक्ता द्विजेंद्र त्रिपाठी सवाल करते हैं कि शिवभक्ति और हनुमान भक्ति में क्या फर्क है? क्या एक भगवान को मानने वाला व्यक्ति दूसरे की पूजा नहीं कर सकता है? हम सभी भगवानों की पूजा करते हैं. उन्होंने कहा कि राहुल गांधी के मंदिर जाने के निहितार्थ नहीं निकाले जाने चाहिए.


क्या कांग्रेस सॉफ्ट हिंदुत्व की राह पर है? इस पर द्विजेंद्र त्रिपाठी कहते हैं कि ऐसी कोई बात नहीं है. कांग्रेस पार्टी हर धर्म का सम्मान करती है. दरअसल बीजेपी द्वारा ये फैलाया जा रहा झूठ है. उन्होंने कहा कि बीजेपी अपने छद्म​ हिंदुत्व में पूरी तरह से फेल साबित हुई है. वह अपने वादे पूरी नहीं कर पा रही है, इसलिए मूल मुद्दों से ध्यान भटकाने के लिए इस तरह की अफवाह फैला रही है.