भारतीय जनता पार्टी ने सीतापुर एवं लखीमपुर में हुई अनुशासनहीनता की घटनाओं को गम्भीरता से संज्ञान लिया है.


प्रदेश अध्यक्ष डाॅ महेन्द्र नाथ पांडेय ने मामले में बीजेपी सांसद और विधायकों को कारण बताओं नोटिस जारी किया है. इन्हें एक सप्ताह में स्पष्टीकरण देना होगा.


बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष के निर्देश पर प्रदेश महामंत्री विद्यासागर सोनकर ने सीतापुर के महोली तहसील परिसर में कम्बल वितरण कार्यक्रम में हुई अनुशासनहीनता की घटना के लिए सांसद धौरहरा रेखा वर्मा और विधायक महोली (सीतापुर) शंशाक त्रिवेदी को कारण बताओं नोटिस जारी किया है. इन्हें एक सप्ताह में स्पष्टीकरण देने के लिए निर्देश दिए गए हैं.


साथ ही जनपद लखीमपुर में को-आपरेटिव चुनाव को लेकर श्यामू पाण्डेय के साथ अनुशासनहीनता की घटना के लिए विधायक लखीमपुर योगेश वर्मा एवं विनीत मन्नार को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है. इन्हें भी एक सप्ताह में स्पष्टीकरण देना होगा. प्रदेश संगठन की तरफ से ये सूचनाएं सम्बन्धित क्षेत्रीय अध्यक्ष, क्षेत्रीय संगठन मंत्री एवं जिला अध्यक्षों को प्रेषित की गई हैं.



बता दें कि सीतापुर में तहसील प्रशासन द्वारा आयोजित कंबल वितरण कार्यक्रम में बीजेपी के सांसद और विधायक की मौजूदगी में ही उनके समर्थक आपस में ही भिड़ गए. इसके बाद उनमें जमकर मारपीट और हंगामा हुआ. दोनो पक्षों ने एक दूसरे पर कुर्सियां भी फेंकी. इस घटना का वीडियो वायरल हुआ, जिसमें साफ दिख रहा है कि कैसे दोनों पक्षों के समर्थक श्रेय लेने की होड़ में आपस में भिड़ गए.


सांसद ने अपने बेटे के साथ अभद्रता होते देख अपनी जूती तक उतरा ली और विपक्षियों को जमकर भला-बुरा कहा. बाद में डीएम-एसपी ने मौके पर पहुंच कर दोनों पक्षों को शांत कराया.


वहीं खीरी का विकास भवन भी विधायकों का अखाड़ा बन गया. जिला सहकारी बैंक (डीसीबी) चुनाव को लेकर बीजेपी की तैयारियों के बीच एक विधायक के समर्थकों ने पूर्व जिलाध्यक्ष और एआर कोऑपरेटिव को पीट डाला.


विकास भवन के एआर दफ्तर के बाहर खड़े श्यामू पाण्डेय ने आरोप लगाते हुए बताया कि मैं सहकारिता चुनाव का प्रभारी हूं. इसलिए विकास भवन लिस्ट देखने आया था. यहां सदर विधायक अपने समर्थकों संग आए और मुझ पर टूट पड़े.