मध्य प्रदेश में बेरोजगारी का असर युवाओं पर साफ तौर से देखा जा सकता है. हाल ही में ग्वालियर जिला अदालत में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों के 57 पदों को लेकर जो स्थिति बनी है वह वाकई हैरान करने वाली है.


जिला अदालत में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों के लिए न्यूनतम योग्यता आठवीं पास रखी गई है लेकिन चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी बनने के लिए ग्रेजुएट, पोस्ट ग्रेजुएट, PhD, इंजीनियर और एमबीए पास छात्रों ने बड़ी संख्या में आवेदन दिए हैं.


आवेदन करने की अंतिम तिथि 31 दिसंबर थी. इस दौरान 60 हजार आवेदन आ चुके थे. इतनी बड़ी संख्या में आवेदन आने से न्यायालयीन अधिकारी भी अचंभित हैं. उनका कहना है कि बेरोजगारी के कारण पढ़े-लिखे होने के बावजूद युवा चपरासी बनने तक के लिए तैयार हैं.


अब 28 जनवरी को इन आवेदनों की स्क्रीनिंग होगी. उसके बाद फरवरी में आवेदन करने वालों को साक्षात्कार के लिए बुलाया जाएगा.



चपरासी पद पर आवेदन के पीछे युवाओं का कहना है कि पढ़े-लिखे होने के बावजूद उनके लिए रोजगार के साधन या नौकरियां नहीं है. इसलिए वह चपरासी बनने के लिए भी तैयार है.