कासगंज की घटना की विरोध में आगरा में विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल की तिरंगा यात्रा शुरू होते ही समाप्त हो गई। प्रशासन की चतुराई से पूरे शहर में यात्रा निकालने के कार्यकर्ताओं के अरमान धरे रह गए। हालांकि प्रशासन ने मुस्तैदी दिखाते हुए शहर की व्यवस्‍था बिगड़ने से बचा ली।  


बता दें कि बुधवार को आगरा में संजय प्लेस स्थित शहीद स्मारक से तिरंगा यात्रा निकालने के लिए विहिप और बजरंग दल के कार्यकर्ता काफी संख्या में शहीद स्मारक पर इकट्ठा थे। विश्व हिंदू परिषद के प्रांत उपाध्यक्ष सुनील पराशर ने मंगलवार के बताया था कि सभी लोग कलक्ट्रेट पहुंचकर जिलाधिकारी को मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपेंगे। 

तय कार्यक्रम के अनुसार यात्रा शहीद स्मारक से शुरू हुई। पुलिस पहले ही सभी तरह की स्थिति से निपटने के इंतजाम कर लिए थे। पुलिस और पीएसी के साथ घुड़सवार जवान भी तैनात थे। यात्रा के शहीद स्मारक से निकलते ही जिलाधिकारी आगरा गौरव दयाल और एसएसपी अमित पाठक पहुंच गए। 

फिरोजाबाद में पुलिस ने रोकाउन्होंने स्मारक पर ही कार्यकर्ताओं से ज्ञापन ले लिए। इसके बाद विहिप और बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने यात्रा को समाप्त कर दिया। हालांकि इस दौरान जोर शोर से नारेबाजी की गई। 


वहीं बुधवार को फिरोजाबाद में तिरंगा यात्रा निकाल रहे वि‌हिप और बजरंग दल के कार्यकर्ताओं को पुलिस ने रोक दिया। इसे लेकर उनकी पुलिस से झड़प भी हुई। 

वहीं आगरा में मंगलवार को भी कासगंज की घटना के विरोध में प्रदर्शन हुए। बोदला स्थित सेंट्रल पार्क में विश्व हिंदू परिषद ने कैं डल मार्च निकाल कर कासगंज के अभिषेक गुप्ता (चंदन) को श्रद्धाजंलि दी। अध्यक्ष करन गर्ग ने मुख्यमंत्री योगी से मृतक के परिवार को 50 लाख रुपये और सरकारी नौकरी देने की मांग की।


​हिंदू कल्याण महासभा के प्रदेश अध्यक्ष मनोज अग्रवाल के नेतृत्व में भगवान टाकीज से शहीद स्मारक तक कैंडल मार्च निकाला गया। मनोज अग्रवाल ने भी पीड़ित परिवार को 50 लाख रुपये और परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी दिलाने की मांग की।