जम्मू जम्मू के सुंजवां आर्मी कैंप में रातभर रुक-रुककर फायरिंग होती रही. सेना ने अब तक 3 आतंकियों को ढेर कर दिया है, लेकिन अभी भी कुछ और आतंकियों के अंदर छिपे होने की आशंका है. जवानों ने आतंकियों को पूरे तरीके से घेरा हुआ है.


करीब 27 घंटों से ये ऑपरेशन चल रहा है. अब तक सुरक्षाबल कैंप के अंदर रिहायशी इलाके में छिपे तीन आतंकियों को ढेर कर चुके हैं. इनके पास से भारी मात्रा में हथियार बरामद हुआ था. साथ ही पाकिस्तान के आतंकी संगठन जैश-ए-मुहम्मद का झंडा भी मिला है.


सूत्रों के मुताबिक अभी भी आर्मी कैंप में आतंकियों के छिपे होने की आशंका है. बताया जा रहा है कि आतंकी सेना की वर्दी में आए थे.


फैमिली क्वार्टर में छिपे थे आतंकी


शनिवार सुबह करीब 5 बजे कैंप में आतंकियों का मूवमेंट देखा गया था. आतंकियों ने कैंप में मौजूद जवानों और उनके परिवारों को भी निशाना बनाया. आतंकियों के हमले में सेना के जेसीओ और एनसीओ शहीद हो गए हैं, जबकि फायरिंग में 9 लोगों के घायल होने की खबर है. इनमें 5 महिलाएं और बच्चे शामिल हैं.


सेना अधिकारी ने बताया सूबेदार मदनलाल चौधरी और हवलदार हबीबुल्ला कुरैशी शहीद हो गए. ये दोनों जवान कश्मीर के रहने वाले थे.


आतंकी हमले के बाद सेना ने मोर्चा संभाला. साथ ही पैरा कमांडो के साथ फौज की स्पेशल टीम को भी आतंकियों के खात्मे के लिए बुला लिया गया. ये आतंकी सुंजवां आर्मी कैंप के फैमिली क्वॉर्टर में छिपे हुए थे, जिसके बाद क्वार्टर खाली कराए गए और सेना ने ऑपरेशन में टैंक का इस्तेमाल किया.


पाकिस्तान में रची गई साजिश


सूत्रों के मुताबिक पाकिस्तान के मुजफ्फराबाद में मसूद अजहर और हिजबुल चीफ सल्लाउद्दीन के बीच बैठक में इस हमले की साजिश रची गई थी. आजतक के पास साजिश रचने का ऑडियो भी मौजूद है, जिसमें जैश सरगना और उसके गुर्गे रउफ असगर की बातचीत में हमले का खुलासा हुआ है.


सेना का बयान


जम्मू स्थित सेना के पीआरओ लेफ्टिनेंट कर्नल देवेंद्र आनंद ने कहा, 'सेना ने हथियारों से लैस दो आतंकवादियों को मार गिराया है. उनके पास एके 56 राइफलें, बड़ी मात्रा में विस्फोटक और हथगोले थे.' अधिकारी ने कहा, 'आतंकियों के सामान की तलाशी से साबित होता है कि वो जैश ए मोहम्मद के थे.'


सेना ने कैंप में मौजूद 150 घर खाली करा लिए हैं. सभी आतंकियों के पकड़े या मारे जाने तक जारी ऑपरेशन जारी रहेगा.