मेरठ की रहने वाली मुस्लिम छात्रा आलिया खान ने भगवान श्रीकृष्ण का रूप धारण कर गीता के श्लोक पढ़ा था. आलिया के कार्यक्रम को सात समुंदर पार भारतीय मूल के रहने वाले लोगों ने भी देखा था. वहीं आलिया के प्रोग्राम देखकर प्रभावित हुए प्रवासी भारतीयों का दल मेरठ पहुंचा. जहां इस दल ने आलिया की मां को 51 हजार रूपये का पुरस्कार देकर सम्मानित किया. दल ने वादा किया कि उसके आगे की पढ़ाई का सारा खर्चा उठाएंगे.


दरअसल लखनऊ में ग्राम स्वरोजगार कार्यक्रम के दौरान मेरठ की कक्षा 10 में पढ़ने वाली छात्रा आलिया खान ने भगवान श्रीकृष्ण का रूप धारण कर गीता के श्लोक पढ़े थे. इसके बाद वह देवबंदी उलेमा के निशाने पर आ गई थी. वहीं कृष्ण बनकर गीता के सुमधुर श्लोक सुनाकर राज्य स्तर पर विजेता बनी आलिया को उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सम्मानित किया था. आलिया के साहस और पहल की सराहना करते हुए अमेरिका की एक संस्था ने उसे सम्मानित किया है.


आलिया की उम्र बस 15 साल है. शायद इस उम्र में गीता का इतना बड़ा दर्शन उसे समझ नहीं आता हो, लेकिन इतना तो वो समझती है कि इसमें एक मजहब के भगवान ने जिंदगी का फलसफा बयां किया है, जो धर्मों के आर-पार जाता है. इस संबंध में आलिया ने कहा, “किसी ने मुझे कुछ नहीं कहा सब बहुत सोपोर्टिव हैं. अगर कोई कुछ कहता भी है तो मेरे पास सीधा सा जवाब है. मैं गीता किसी धर्म के कारण नहीं पढ़ती हूं. मैं गीता ज्ञान लेने के लिए पढ़ती हूं. वहीं अमेरिका प्रवासियों से सम्मानित होने के बाद आलिया बहुत खुश है.