कोडरमा। झारखंड के कोडरमा में कांग्रेस जिलाध्यक्ष शंकर यादव की हत्यारोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर एनएच 31 पर झुमरी के पास ग्रामीणों ने आज जाम लगा दिया। ग्रामीण हत्यारों की गिरफ्तारी की मांग कर रहे हैं। इधर, विस्फोट में घायल शंकर यादव के चालक धर्मेंन्द्र यादव का रिम्स में इलाज चल रहा है।

अन्नपूर्णा देवी व विधायक मनोज यादव भी पहुंचे

कांग्रेस जिलाध्यक्ष शंकर यादव व उनके बॉडीगार्ड कृष्णा यादव के शव के साथ हजारों की भीड़ रांची पटना रोड एनएच 31 को जाम करके बैठी है। करीब एज घंटे से लगी जाम में कांग्रेस विधायक मनोज कुमार यादव और राजद की प्रदेश अध्यक्ष सह पूर्व मंत्री अन्नपूर्णा देवी भी सड़क पर जाम स्थल पर लोगों के साथ बैठी हैं। धीरे-धीरे भीड़ काफी उग्र होती जा रही है। उग्र भीड़ पुलिस प्रशासन राज्य सरकार और स्थानीय विधायक व मंत्री नीरा यादव के खिलाफ जमकर नारेबाजी कर रही है।

इधर, कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष डॉक्टर अजय कुमार और वरिष्ठ नेता प्रदीप बालमुचू के भी कुछ देर में कोडरमा पहुंचने की सूचना है। जामस्थल पर दोनों तरफ सैकड़ों ट्रक एवं सवारी वाहनें फंसी हैं। जाम स्थल पर कोडरमा के एसडीओ प्रभात कुमार बर्दिया एसडीपीओ अनिल शंकर समेत सैकड़ों की संख्या में पुलिस बल के जवान किसी भी स्थिति से निपटने के लिए तैयार हैं। साथ ही लोगों को समझाने की कोशिश में जुटे हैं।

जाम पर भारी आस्था का सैलाब

बुधवार को जिले में महाशिवरात्रि का व्रत होने के कारण जिले के प्रसिद्ध ध्वजाधारी धाम में करीब 50000 की भीड़ उमड़ती है। लेकिन तिलैया और कोडरमा के बीच सुबह से लगा यह जबरदस्त जाम भी लोगों की आस्था के सैलाब को रोक नहीं पा रहा है। लोग यहां से पैदल ही जल लेकर से 7 किलोमीटर दूर ध्वजा धारी धाम के लिए जा रहे हैं कई महिलाएं अपने बच्चों को गोद में लेकर बाबा का जलाभिषेक के लिए निकल पड़ी है। आज के दिन जाम के कारण आम लोगों के साथ साथ श्रद्धालुओं को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

आज यहां तीन दिवसीय शिवरात्रि मेले के उद्घाटन का दिन था। इसमें मंत्री नीरा यादव डीसी, एसपी समेत उपस्थित होना था, लेकिन घटना को लेकर वहां कोई नहीं पहुंचे हैं। कोडरमा तिलैया के बीच झुमरी में जाम लगने से धाम में बाबा भोले बाबा का जलाभिषेक के लिए आने जाने वाले लोगों को भीषण परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

जानिए, किस तरह विस्फोट कर कांग्रेस नेता को वाहन सहित उड़ाया

अपराधियों ने मंगलवार शाम शक्तिशाली डेटोनेटर का विस्फोट कर कोडरमा जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष शंकर यादव को वाहन सहित उड़ा दिया। इस घटना में कांग्रेस नेता की स्कॉर्पियो गाड़ी के परखचे उड़ गए। घटना में शंकर यादव के चालक धर्मेंद्र यादव (35) और प्राइवेट राइफलधारी बॉडीगार्ड कृष्णा यादव गंभीर रूप से घायल हो गए। दोनों को कोडरमा सदर अस्पताल ले जाया गया, जहां कृष्णा यादव की मौत हो गई, जबकि धर्मेंद्र को रांची रेफर कर दिया गया। घटना उस समय हुई जब शंकर यादव हजारीबाग जिले के भटबिगहा स्थित अपनी पत्थर माइंस से अपने घर कोडरमा लौट रहे थे।

इसी दौरान रास्ते में अरुण सिंह व सम्राट सिंह की माइंस के बीच एक सुनसान जगह पर उनकी स्कॉर्पियो को विस्फोट कर उड़ा दिया गया। घटनास्थल पर पहले से संदिग्ध हालत में खड़े भूसा लदे एक टेंपो के भी परखचे उड़ गए। संभवत: इसी लावारिस टेंपों में डेटोनेटर को प्लांट कर सड़क के किनारे झाड़ी में छिपाकर रखा गया था। जैसे ही शंकर यादव की गाड़ी टेंपो के पास पहुंची टेंपों को विस्फोट कर उड़ा दिया गया। इसकी चपेट में शंकर यादव की स्कॉर्पियो भी आ गई। घटना की सूचना मिलते ही कोडरमा एसपी शिवानी तिवारी के अलावा हजारीबाग जिले के चौपारण थाने की पुलिस ने भी घटनास्थल पर पहुंचकर मामले की छानबीन की। घटनास्थल पर पहुंचे बरही के विधायक मनोज कुमार ने शंकर के शव को उठाने से रोक दिया। उन्होंने एक्सपर्ट की टीम बुलाने की मांग की। पुलिस के अनुसार बाद में हजारीबाग से डीआइजी भीमसेन टूटी के नेतृत्व में एक्सपर्ट की टीम घटनास्थल के लिए रवाना हुई। घटनास्थल के आसपास सैकड़ों की भीड़ जमा हो गई।

24 अक्टूबर को हुआ था जानलेवा हमला

कांग्रेस नेता शंकर यादव पर गत 24 अक्टूबर को भी जानलेवा हमला हुआ था, जब वे अपने भटबिगहा स्थित माइंस में गए थे। यहां चौपारण निवासी मुनेश यादव एवं एक अन्य आरोपी ने उन्हें गोली मारी थी। इसके बाद बाइक से फरार हो गए थे। गंभीर हालत में उन्हें इलाज के लिए रांची के मेडिका अस्पताल में ले जाया गया था, जहां वे करीब एक माह तक इलाज के बाद स्वस्थ्य होकर लौटे थे। शंकर यादव की हत्या पर प्रतिक्रिया देते हुए विधायक डॉ. इरफान अंसारी ने कहा कि इसके पीछे कहीं न कहीं राजनीतिक साजिश है।