नई दिल्ली  राजधानी में एक शख्स के घर से पुलिस ने 37 दिन से अटैची में बंद बच्चे का गला हुआ शव बरामद किया है। यह बच्चा 7 जनवरी की शाम गायब हुआ था। शव पड़ोस के मुंहबोले चाचा अवधेश के घर से मिला है। डीसीपी असलम खान ने बताया कि बच्चे के पैरंट्स पीठ पीछे अवधेश को गाली देते थे। इसका पता चलने पर उसने बदला लेने के लिए बच्चे की हत्या कर दी। बाद में उसने सोचा कि फिरौती भी वसूल ली जाए।

करण सैनी उर्फ सुरेंद्र (36) परिवार के साथ नत्थुपुरा में दो मंजिला घर में रहते हैं। करण का 7 साल का बेटा आशीष उर्फ आशू गायब हो गया था। जॉइंट फैमिली में करण के पैरंट्स और दो छोटे भाई भी साथ रहते हैं। आरोपी अवधेश भी उसी गली में कुछ ही घरों के फासले पर किराये में रहता है, जो मूल रूप से ऐटा का है। 


बच्चे के पिता करण सैनी के साथ संवेदना दिखाते हुए आरोपी अवधेश ने साथ जाकर स्वरूपनगर थाने FIR करवाई। परिवार ने गुमशुदा बच्चे के फोटो वाले पोस्टर भी जगह-जगह चिपकाए। 


दूर की जान-पहचान के कारण आठ साल पहले अवधेश जब दिल्ली आया था, तो शुरू में कुछ साल वह करण के घर रहा। पुलिस ने बताया कि इस दौरान करण के पिता अवधेश को चौथे बेटे की तरह मानते थे, जिससे करण नाखुश था। अवधेश उस दौरान रात में शराब पीकर भी घर आता था, जिससे करण और उसकी पत्नी उसके बारे में गालीगलौज करते थे। इसी का बदला लेने के लिए अवधेश ने करण के बेटे आशू को साइकल देने का झांसा देकर कमरे में बुलाया और जान ले ली। शव को प्लास्टिक में सील कर अटैची में डाल दिया। 


इलाके में काफी सीसीटीवी हैं और कैमरे में कैद होने के डर से ही अवधेश शव बाहर नहीं ले जा सका। इस बीच, बच्चे के शव से बदबू न आए, इसके लिए अवधेश रोज परफ्यूम छिड़कता था। 


आरोपी अवधेश ने दो बार UPSC प्री निकालने का दावा किया है। उसने पीड़ित परिवार से झूठ बोला था कि वह CBI में काम करता है। कॉलोनी वाले उसे अफसर मानते थे।