बेंगलुरु र्नाटक में विधानसभा चुनावों के लिए प्रचार करने गए राहुल गांधी अपनी रणनीति के तहत वहां के मंदिरों में भी पहुंचे. बीजेपी ने राहुल गांधी के मंदिर जाने से पहले चिकन खाने का मामला उठाया है. राज्य के बीजेपी प्रमुख और सीएम पद के उम्मीदवार बीएस येदियुरप्पा ने इस मामले में एक ट्वीट भी किया.

येदियुरप्पा ने मंगलवार को कहा था कि राहुल गांधी ने मंदिर जाने से पहले 'जावरी चिकन' खाया था. उन्होंने लिखा था, 'एक ओर 10 पर्सेंट सीएम सिद्धारमैया फिश खाने के बाद मंजूनाथ धर्मशाला गए और दूसरी ओर हिंदू राहुल गांधी जावरी चिकन खाने के बाद नरसिम्हा स्वामी के दर्शन करने गए थे.'

इस मामले को सोशल मीडिया पर भी खूब तवज्जो मिली. लोगों ने कहा कि राहुल गांधी ने मंदिर का अपमान किया है. हालांकि, यह पूरी कहानी कयासों पर आधारित है. हो सकता है कि यह सच भी न हो. इंडिया टुडे ग्रुप के रिपोर्टर नागार्जुन द्वारकानाथ के मुताबिक यह खबर एक स्थानीय रिपोर्टर ने ब्रेक की थी, जिसने राहुल गांधी को चिकन खाते हुए नहीं देखा था.

स्थानीय रिपोर्टर ने नागार्जुन को बताया कि उन्होंने एसपीजी को खाने के पैकेट ले जाते हुए देखा था. स्थानीय रिपोर्टर ने एसपीजी के पूछा कि इस पैकेट में क्या है तो उन्होंने बताया- फिश और चिकन. इसके बाद स्थानीय रिपोर्टर इस नतीजे पर पहुंच गया कि राहुल ने मंदिर जाने से पहले चिकन खाया.

नागार्जुन ने जब स्थानीय रिपोर्टर से पूछा कि तुम्हें कैसे पता कि चिकन और फिश राहुल ने ही खाया होगा. इस पर रिपोर्टर ने कहा कि अगर नहीं खाया होगा तो राहुल को इस मामले पर सफाई देनी चाहिए.

इस पर नागार्जुन ने पूछा कि क्या यही पत्रकारिता है तो स्थानीय रिपोर्टर का जवाब था कि आजकल कौन पत्रकारिता करता है. इसके बाद बीजेपी ने इस खबर को प्रसारित और प्रचारित करना शुरू कर दिया कि राहुल ने मंदिर जाने से पहले चिकन खाया था.

नागार्जुन ने बताया है कि राहुल गांधी इस राज्य के दौरे के दौरान सरकारी गेस्ट हाउस में ही रुके थे और उन्होंने खाना भी यहीं खाया था. इस गेस्ट हाउस के अंदर जाने की इजाजत किसी को नहीं थी, इसलिए राहुल को चिकन खाते हुए किसी ने नहीं देखा.