वैलेंटाइन डे के मौके पर मध्य प्रदेश के श्योपुर में सहरिया आदिवासी समाज की पंचायत ने लडकियों और महिलाओं के मोबाइल फोन के इस्तेमाल पर पाबंदी लगा दी है. आदिवासी समाज की पंचायत ने फैसला न मानने पर जुर्माना और समाज से निकालने का फैसला लिया है. समाज की महिलाएं तो खामोश हैं मगर महिला अधिकारों के लिए काम करने वाले लोग ऐतारज़ जता रहे हैं.


दरअसल, श्योपुर जिले में समाज सुधार के लिए सहरिया आदिवासी समाज के सत्ताईस गाँवो की ओछा गाँव मे महापंचायत हुई. मुद्दा तालीम औऱ शराबबंदी का भी उठा लेकिन महिला सुरक्षा को लेकर समाज ने अजीब फैसला लिया, जिसमें मोबाइल फोन का इस्तेमाल नहीं करेंगी और यदि उंन्होने ऐसा किया तो पहले उनसे जुर्माना वसूल किया जाएगा. दोबारा अगर ऐसा किया तो उन्हें समाज से बाहर कर दिया जाएगा.


सत्ताईस गाँव के पंच राम स्वरूप ने कहा कि समाज में मोबाइल फोन से महिलाओ पर बुरा असर पड़ रहा है इसलिए इसके इस्तेमाल पर रोक लगाई गयी है यदि कोई भी महिला या लड़की समाज के निर्णय को नही मानेगी तो जुर्माने के बाद उन्हें समाज से बाहर भी कर दिया जाएगा.


एक महीने में तीसरी बर ओछा गॉव में पंचायत हुई है. शराब पर पाबंदी और सामाजिक बुराइयों को रोकने के साथ महिलाओं के लिए मोबाइल फोन पर पाबंदी लगा दी गई. पंचायत के बेतुके फैसले को लेकर समाज की लड़कियां और महिलाएं मुँह नही खोल रही है. कुछ तो फैसले को जायज़ भी ठहरा रही हैं.

राजो देवी का कहना है कि ये फैसला हम सभी को मानना चाहिए ताकि हमारे समाज पर लड़कियों और महिलाओ द्वारा दूसरे समाज के लड़कों के साथ संबंध ना बन सके.

पंचायत के अजीबोगरीब फरमान पर महिलाओ राज्य महिला आयोग की सखी गहरी नाराजगी जता रही है. एमपी राज्य महिला आयोग की सखी सरोज तौमर ने कहा कि आज के दौर में महिलाओ को आगे बढ़ाने के बजाय इस तरह से फोन तक इस्तेमाल नही करने देना शर्म का विषय है, मामले से राज्य महिला आयोग को अवगत करा कार्रवाई करवाई जाएगी.