नई दिल्ली। मुंबई स्थित पंजाब नेशनल बैंक (PNB) की एक शाखा में 13000 करोड़ रुपये का घोटाला सामने आने के बाद फिर राफेल डील का मामला भी चर्चा में आ गया है। राफेल डील पर पक्ष-विपक्ष में आरोप-प्रत्यारोप के बीच देश के जाने-माने उद्योगपति अनिल अंबानी ने आम आदमी पार्टी (AAP) नेता और राज्यसभा सांसद संजय सिंह पर 5000 करोड़ रुपये की मानहानि का मुकदमा दायर किया है। अनिल अंबानी का आरोप है कि झूठे आरोप लगाकर संजय सिंह उनकी कंपनी को राफेल डील में खींचा था। उद्योगपति अनिल अंबानी का कहना है कि AAP सांसद संजय सिंह के आरोपों से उनकी छवि को नुकसान पहुंचा है।


बता दें कि आप नेता और राज्यसभा से सांसद संजय सिंह ने 13 फरवरी को एक पत्रकार वार्ता कर कहा था कि भारत और फ्रांस में 36 राफेल विमानों को लेकर 56000 करोड़ की डील हुई है। इसमें रिलायंस डिफेंस लिमिटेड फ्रांस की एविएशन कंपनी डसॉल्ट एविएशन को 22000 करोड़ का कॉन्ट्रैक्ट मिलने का आरोप लगाया गया है।

वहीं, उद्योगपति अनिल अंबानी द्वारा मानहानि का दावा किए जाने पर संजय सिंह ने पलटवार किया है। उन्होंने ट्वीट कर कहा है- 'उद्योगपतियों की दबंगई चरम पर है, पहले घोटाला करेंगे, फिर उसके ख़िलाफ़ आवाज़ उठाने वालों पर मानहानि करेंगे। राफ़ेल रक्षा सौदे का घोटाला उजागर करने पर अंबानी ने मेरे ऊपर देश का सबसे बड़ा 5000 करोड़ का मानहानि नोटिस भेजा है। मैं अपनी बात पर क़ायम हूं बंदर घुड़की नहीं चलेगी।'


एक अन्य ट्वीट में संजय ने कहा- 'दो हफ्ते पुरानी कंपनी को हज़ारों करोड़ रुपये का डिफेंस डील मिल जाए ये सिर्फ और सिर्फ उसी दौर में हो सकता है जब देश हिंदू-मुस्लिम में डूबा हुआ है, वरना जनता को उल्लू बनाने का कोई चांस ही नहीं था।

उद्योगपति अनिल अंबानी द्वारा AAP नेता व राज्यसभा सांसद को 5000 करोड़ रुपये का मानहानि नोटिस भेजे जाने के बाद पार्टी के अन्य नेताओं ने पलटवार शुरू कर दिया है। AAP के वरिष्ठ नेताओं में शुमार आशतोष ने ट्वीट करके कहा है- 'अब तो डर लग रहा है कहीं नीरव मोदी भी 11400 करोड़ का मानहानि का मुकदमा न कर दे !!'

यहां पर बता दें कि पिछले दिनों आम आदमी पार्टी नेता सांसद संजय सिंह ने राफेल डील को लेकर केंद्र में सत्तासीन भारतीय जनता पार्टी पर बड़ा हमला किया था। हालिया चुने गए AAP के राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने डील की गोपनीयता पर सवाल उठाए थे। इस डील पर भ्रष्टाचार करने का आरोप लगाते हुए संजय सिंह ने ट्वीट कर लिखा था- 'राफेल डील ही साबित होगी मोदी सरकार के ताबूत में आखिरी कील, 500 करोड़ का जहाज 1500 करोड़ में, अनुभवहीन रिलायन्स कंपनी को जहाज के पार्ट बनाने का 22000 करोड़ का ठेका मिला। राफेल में हुए क्या क्या खेल?’

हालांकि, इस डील की जानकारी साझा नहीं करने पर तर्क देते हुए 8 फरवरी को वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कहा था कि राफेल सौदे पर कांग्रेस को सवाल उठाने का अधिकार नहीं है। जेटली के मुताबिक, इस सौदे को लेकर यूपीए सरकार के कार्यकाल पर भी सवाल खड़े किए गए थे, जिस पर तत्कालीन केंद्रीय मंत्री प्रणब मुखर्जी ने सवालों का जवाब देने से मना कर दिया था।


विपक्ष का यह था आरोप


राफेल डील को लेकर विपक्ष ने मोदी सरकार को कटघरे में खड़ा किया है। कहा जा रहा है कि राफेल डील मनमोहन सिंह कम पैसे में की थी उसी डील को मोदी सरकार ने तीन गुना महगा डील किया है। यही वजह है कि केंद्र में सत्तासीन भाजपा सरकार अब चारों ओर से घिरती नजर आ रही है। विपक्ष लगातार मोदी सरकार पर इस डील में घोटाला करने और अपने करीबी लोगों को फायदा पहुंचाने का आरोप लगा रहा है।


गौरतलब है कि राफेल डील फ़्रांस और भारत के बीच हुई जंगी जहाज़ की डील है। राफेल डील की शुरुआत यूपीए सरकार के समय हुई थी। ये डील पिछले साल पूरी हुई है। कांग्रेस का आरोप है कि पहले डील में एक जहाज की कीमत 526 करोड़ थी जिसको अब 1571 करोड़ में खरीदा गया है।


कांग्रेस नेता पर भी किया है 5000 करोड़ का दावा


रिलायंस अनिल अंबानी ग्रुप ने कांग्रेस प्रवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी के खिलाफ भी 5000 करोड़ रुपये का मानहानि का केस किया है। मनु सिंघवी पर आरोप है कि उन्होंने कंपनी ग्रुप के खिलाफ झूठे, अपमानजनक और बदनाम करने वाले बयान दिए हैं, इसलिए हमने 5000 करोड़ का मानहािन का मुकदमा किया है।' ये केस गुजरात हाईकोर्ट में दाखिल किया गया है। बता दें कि सिंघवी ने 30 नवंबर को कहा था कि फाइनेंस मिनिस्टर अरुण जेटली ये कहकर लोगों को मूर्ख बना रहे हैं कि सरकार ने किसी भी बड़े डिफाल्टर का लोन माफ नहीं किया है।