मेरठ  पी में हो रहे ताबड़तोड़ एनकाउंटर्स से सहमे अपराधियों का सरेंडर करने का सिलसिला शुरू हो गया है। योगी सरकार ने जिला पुलिस अध्यक्षों को अपराधियों को मार गिराने के आदेश दिए हुए हैं। पिछले साल सत्ता में आने के बाद से योगी सरकार में कुल 1240 एनकाउंटर्स हुए हैं जिसमें 40 अपराधियों को मारा गया है और करीब 305 घायल हैं। यूपी डीजीपी के ऑफिस से मिले डेटा के मुताबिक, 142 वॉन्टेड अपराधियों ने राज्य में या राज्य के बाहर सरेंडर किया है। इसमें ऐसे अपराधी भी शामिल हैं जिन के ऊपर पुलिस ने इनाम रखा हुआ था।

एनकाउंटर्स के खौफ का आलम यह है कि 26 अपराधी बेल मिलने के बावजूद भी जेल छोड़ने को तैयार नहीं हैं। 71 अपराधियों ने अपने बेल बॉन्ड्स को कैंसल कर वापस जेल चले गए हैं। सरकारी आंकड़ों की बात करें तो पिछले साल 20 मार्च से लेकर 14 फरवरी तक 2,956 गिरफ्तारियां हुई हैं। पुलिस ने अपराधियों की 147 करोड़ रुपये की 169 संपत्तियां सीज भी की हैं। 


यूपी के डीजीपी ओपी सिंह ने हमारे सहयोगी अखबार टीओआई से कहा, 'अगर वे (अपराधी) जेल वापस जाना चाहते हैं तो हमें कोई दिक्कत नहीं है क्योंकि वही उनकी असली जगह है बाहर नहीं।' ओपी सिंह ने कहा कि एनकाउंटर्स के परिणाम बहुत ही चौंकाने वाले आ रहे हैं जो पहले कभी नहीं हुआ। उन्होंने कहा, 'इससे पहले कभी अपराधियों को इतना साफ मेसेज कभी नहीं दिया गया कि उन्हें आम नागरिकों की जिंदगी में आतंक फैलाने नहीं दिया जाएगा।' 


डीजीपी ने बताया कि पुलिस अधिकारियों से ऐसे अपराधियों का डोजियर बनाने को कहा गया है जिनपर इनाम है। उन्होंने बताया, 'हमने बहुस्तरीय हमला किया हुआ है। जितने अपराधियों के खिलाफ गैंगस्टर ऐक्ट लगाया गया है वह अबतक का सबसे ज्यादा है।' मेरठ में डबल मर्डर केस में आरोपी विनय ने हाल ही में सरेंडर किया है। सूत्रों का कहना है कि एनकाउंटर में मारे जाने के डर से ही विनय ने आत्मसमर्पण किया है।