नई दिल्ली। अनियंत्रित हो रही जनसंख्या को नियंत्रित करने के लिए कड़े उपाय, नीति व कानून लागू करने की मांग करते हुए सुप्रीम कोर्ट में तीन जनहित याचिकाएं दाखिल हुई हैं। याचिकाओं में कहा गया है कि सरकार को एक ऐसी नीति बनाने का आदेश दिया जाए जिसमें दो बच्चों की नीति अपनाने वालों को प्रोत्साहन और नीति का उल्लंघन करने वालों को उचित दंड देने की व्यवस्था हो। याचिका पर अभी फिलहाल सुनवाई की तिथि निश्चित नहीं है। इसके अगले सप्ताह सुनवाई पर लगाने की उम्मीद है।


सुप्रीम कोर्ट में ये याचिकाएं वकील अनुज सक्सेना, प्रिया शर्मा व पृथ्वीराज चौहान ने दाखिल की हैं। याचिका में विस्फोटक स्थिति में पहुंच रही जनसंख्या के देश की प्रगति, संसाधन और विकास पर पड़ने वाले दुष्प्रभावों को बताते हुए इसे नियंत्रित करने के लिए प्रभावी नीतिगत उपाय किये जाने की जरूरत बताई गई है। कहा गया है कि जनसंख्या वृद्धि का पर्यावरण पर भी प्रभाव पड़ रहा है। इसके अलावा इससे बेरोजगारी, गरीबी, अशिक्षा, खराब सेहत और अर्थव्यवस्था पर असर पड़ता है क्योंकि जनसंख्या के अनुपात में संसाधन सीमित हैं। इसके अलावा इसका प्रभाव ग्लोबल वार्मिग पर भी पड़ता है। याचिकाकर्ताओं का कहना है कि जनसंख्या विस्फोट से देश का सारा विकास गड़बड़ा गया है।

कहा गया है कि केंद्र और राज्य की सरकारों को जनसंख्या नियंत्रण नीति पर विचार करना होगा। वैसे तो सरकार काफी पहले से परिवार नियोजन के प्रति लोगों को जागरूक और शिक्षित करने में लगी है। इस बारे में काफी प्रचार भी किया जाता है। कुछ पढ़े-लिखे लोग इसे अपना रहें हैं जबकि कुछ अभी भी इसका विरोध करते हैं। इस बारे में अभी बड़ा लक्ष्य पाना बाकी है। भारत में जनसंख्या अभी 121 करोड़ पहुंच चुकी है और अगर इसी तरह बढ़ती रही तो बहुत जल्दी 150 करोड़ और फिर 200 करोड़ पर पहुंच जाएगी।


कहा गया है कि जनसंख्या वृद्धि पर रोक सिर्फ कड़े नीतिगत उपायों से ही संभव है। कोर्ट पहले ही अपने 30 मई 2003 के जावेद बनाम हरियाणा राज्य के फैसले में जनसंख्या नियंत्रण के लिए कड़े प्रावधान किये जाने पर जोर दे चुका है। याचिकाओं में मांग की गई है कि कोर्ट सरकार को जनसंख्या नियंत्रण के लिए प्रभावी उपाय और कानूनी प्रावधान करने का आदेश दे। इसके अलावा सरकार को आदेश दिया जाए कि जनसंख्या नियंत्रण के लिए उसने अभी तक जो उपाय किये हैं, वे कोर्ट के समक्ष पेश करे। कोर्ट सरकार को जनसंख्या नियंत्रण के लिए एक ऐसी नीति बनाने का आदेश दे जिसमें दो बच्चों की नीति अपनाने वाले परिवारों को प्रोत्साहन और उसका उल्लंघन करने वालों को उचित दंड की व्यवस्था हो।