भोपाल। प्रदेश में नशामुक्ति को बढ़ावा देने के लिए सरकार अब पुरस्कार योजना लागू कर रही है। पंचायत के नशामुक्त होने पर अब एक लाख रुपए का पुरस्कार हर साल दिया जाएगा।


यह पुरस्कार प्रत्येक जिले की एक पंचायत को ही मिलेगा। इस राशि का इस्तेमाल गांव के विकास कार्यों पर होगा। सामाजिक न्याय विभाग ने इसके लिए पुरस्कार योजना के नियम लागू कर दिए हैं।


प्रदेश की नई आबकारी नीति में नशामुक्ति पर खासा जोर दिया गया है। इसके मद्देनजर सामाजिक न्याय विभाग ने नशामुक्त ग्राम पंचायत पुरस्कार योजना 2018 लागू की है। इसके तहत उन ग्राम पंचायतों को पुरस्कार दिया जाएगा, जहां पूरी आबादी नशामुक्त जीवनयापन कर रही हो।


ऐसी पंचायतों की खबरें स्थानीय समाचार पत्रों में प्रकाशित हुई हों और सिगरेट व अन्य तंबाकू उत्पाद अधिनियम के तहत कार्रवाई हुई हो। नशामुक्ति के लिए इलाज कराया जा रहा हो और क्षेत्र के सभी स्कूलों में छात्र नशामुक्ति के लिए संकल्पित हों।


पुरस्कार के लिए पंचायतों को कलेक्टर को आवेदन करना होगा। पुरस्कार देने का फैसला समिति करेगी। पुरस्कार गणतंत्र दिवस पर दिया जाएगा। राशि ऑनलाइन पंचायतों के खातों में जमा होगा और कार्यक्रम में आने का खर्चा सरपंच को अलग से दिया जाएगा।