नई दिल्लीवैश्व‍िक रेटिंग एजेंसी फिच ने मंगलवार को पंजाब नेशनल बैंक की व्यवहार्यता रेटिंग को 'रेटिंग वॉच निगेटिव (RWN) पर रखा है. इसके अलावा वैश्व‍िक वित्तीय संस्था मूडीज ने भी बैंक की वित्तीय स्थ‍िति का रिव्यू करना शुरू कर दिया है.


पीएनबी में 11300 करोड़ का घोटाला सामने आने के बाद रेटिंग एजेंसी ने यह कदम उठाया है. इससे यह आशंका पैदा हो गई है कि एजेंसी पीएनबी की रेटिंग घटा सकती है.


फिच ने कहा है कि वह रेटिंग में बदलाव को लेकर तब ही कोई फैसला लेगी, जब बैंक की वित्तीय स्थिति पर महाघोटाले के असर का पता चलेगा. मूडीज ने भी पीएनबी की स्थ‍िति पर नजर बनाई हुई है.


घटेगी रेटिंग?


रेटिंग वॉच निगेटिव (RWN) में पंजाब नेशनल बैंक को शामिल करने का मतलब है कि इसकी रेटिंग को घटाया जा सकता है. हालांकि इसके साथ ही रेटिंग एजेंसी ने कहा है कि इस घोटाले का असर पीएनबी की सपोर्ट रेटिंग फ्लोर (BBB-) पर नहीं पड़ेगा. क्योंकि यह भारत का दूसरा सबसे बड़ा बैंक है और इसकी व्यवस्थात्मक स्तर पर काफी ज्यादा अहमियत है.


फ्रॉड से उठे हैं कई सवाल


फिच ने कहा कि हमें लगता है कि सरकार की तरफ से पंजाब नेशनल बैंक को संभालने के लिए सहयोग मुहैया कराने की संभावना काफी ज्यादा है. फिच ने कहा है कि घोटाले का बैंक की  वित्तीय स्थ‍िति पर कितना असर पड़ेगा, फिलहाल ये पता नहीं चला है. हालांकि इस घोटाले ने बैंक के आंतरिक और बाहरी खतरे को नियंत्रण करने को लेकर सवाल जरूर खड़े किए हैं.


बैंक पर दिखने लगा है असर


इसके साथ ही मैनेजमेंट के स्तर पर भी कई सवाल खड़े होते हैं. क्योंकि यह फ्रॉड कई साल तक यूं ही चलता रहा और किसी को इसकी भनक भी नहीं लगी. फिच ने कहा है कि इस घोटाले ने बैंक की साख पर असर डाला और इसके साथ ही बैंक के कैपिटल मार्केट कैप पर भी इसका असर देखने को मिल रहा है.  


क्‍या है वायबिलिटी रेटिंग का मतलब


वायबिलिटी रेटिंग किसी वित्तीय संस्थान की साख को मापती है. फिच के अनुसार इससे यह पता चलता है कि किसी संस्थान के फेल होने की आशंका कितनी है.


PNB में हुआ 11360 करोड़ का घोटाला:


देश के दूसरे सबसे बड़े सरकारी बैंक पंजाब नेशनल बैंक की मुंबई स्थित एक शाखा में 11,360 करोड़ रुपये का फर्जी ट्रांजैक्शन किया गया है. पंजाब नेशनल बैंक ने 5 फरवरी को सीबीआई के सुपुर्द लगभग 280 करोड़ रुपये के फर्जी ट्रांजैक्शन का मामला सुपुर्द किया था.


इस मामले की जांच सीबीआई कर ही रही थी कि बैंक के मुंबई स्थिति महज एक ब्रांच से आई फर्जीवाड़े सूचना ने बैंक को 11,360 करोड़ रुपये के अतिरिक्त नुकसान में ला दिया.


इस मामले में लगातार जांच जारी है और इसमें जांच एजेंसियों ने कई गिरफ्तारियां भी कर ली हैं. धोखाधड़ी के इस मामले के केंद्र में हीरा कारोबारी नीरव मोदी और गीतांजलि ज्वैलर्स से जुड़े मेहुल चौकसी हैं.