छत्तीसगढ़ के किसान एक बार फिर अपनी मांगों को लेकर सरकार के खिलाफ सड़क पर उतरेंगे. किसानों ने 23 फरवरी यानी कल अपनी मांगों को लेकर राजधानी रायपुर का घेराव करने की चेतावनी दी है. कांग्रेस ने भी मौका देखकर किसानों को समर्थन देने की बात कही है.


23 फरवरी को सरकार के खिलाफ प्रदेश भर के किसान बिगुल फूंकेंगे. राष्ट्रीय किसान महासंघ और किसान संगठनों के आह्ववान पर हजारों की संख्या में किसानों ने राजधानी के घेराव की घोषणा कर दी है. किसानों की प्रमुख मांगों में से एक स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशें लागू करना है.


रणनीति के मुताबिक दुर्ग संभाग के पांच जिलों के किसान टाटीबंध की ओर से और राज्य के बाकी हिस्सों के किसान तेलीबांधा चौक से शहर घेरेंगे.

इसी दिन देशभर के किसान चारों ओर से दिल्ली ब्लॉक भी करेंगे. किसान नेता राजकुमार गुप्ते ने बताया कि राजधानी घेराव की रणनीति बन चुकी है.

कांग्रेस किसानों के इस आंदोलन को सरकार की नाकामी की तस्वीर बता रही है. कांग्रेस प्रवक्ता आरके सिंह का कहना है कि आंदोलन को समर्थन दिया जाएगा. वहीं बीजेपी प्रवक्ता संजय श्रीवास्तव का कहना है कि किसानों में कोई आक्रोश नहीं है. सरकार किसानों के लिए लगातार अच्छा काम कर रही है. कोई मांग है तो उस पर चर्चा की जाएगी.