राजस्थान विधानसभा में शुक्रवार को एक बार फिर भूत-प्रेतों का मुद्दा छाया रहा. संसदीय कार्यमंत्री राजेंद्र राठौड़ ने कहा, कल ही भूत प्रेत की चर्चा चल रही थी, 12 बजे बाद भूत सक्रिय होते हैं. घड़ी की सुई ज्योंही चढ़ती है कई विधायक गौपालनमंत्री जी से झाड़फूंक करने का आग्रह करते हैं. इसके बाद सरकारी मुख्य सचेतक कालूलाल गुर्जर ने कहा कि रात 12 बजे से पहले सदन का कामकाज निपटा लीजिए.


इसके बाद संसदीय कार्यमंत्री राजेंद्र राठौड़ ने कहा भूतों के लिए कमेटी का आग्रह किया. उन्होंने कहा, अध्यक्षजी, जितना भूतों का इलाज आपके पास है, उतना किसी के पास नहीं. इसपर विधानसभा अध्यक्ष ने कहा, कभी कभार भूतों पर चर्चा हो ही जानी चाहिए, रहस्य रोमांच बना रहता है. इस मुद्दे पर कभी अलग से चर्चा करवाएंगे,


इससे पहले गुरुवार को राजस्थान विधानसभा में सरकारी मुख्य सचेतक कालूलाल गुर्जर ने कहा था कि विधानसभा अपशकुनी है, विधानसभा में आत्माएं घूम रही हैं. इस अपशकुन से छुटकारा पाने को अब मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे से अनुष्ठान करवाने के लिए कहा गया है. सीएम की मंजूरी के बाद आत्माओं और गृहों की शांति के लिए विधानसभा में अनुष्ठान और भोज करवाया जाएगा.


गुर्जर ने कहा, विधानसभा में कभी भी 200 विधायक एक साथ नहीं रहे, कुछ न कुछ होता रहता है, यह सब आत्माओं की वजह से है. विधानसभा श्मसान और कब्रिस्तान की जमीन पर बनी है, बिना विधि विधान विधानसभा भवन चालू हुआ जिसकी वजह से कुछ न कुछ होता रहता है और इसी वजह से कभी भी 200 विधायक एक साथ यहां नहीं रहे.