कानपुर के बैंकों से 3700 करोड़ के गबन के आरोप में रोटोमैक पेन कंपनी के मालिक विक्रम कोठारी और उसके बेटे राहुल कोठारी को सीबीआई ने गिरफ्तार कर लिया है. इस मामले में विक्रम कोठारी के वकील शरद कुमार बिड़ला ने बताया कि सीबीआई ने 120 बी,420,467, 468,471 आईपीसी के तहत एफआईआर दर्ज की है.उन्होंने दावा किया कि वो सीबीआई कोर्ट में रिमांड का विरोध करेंगे. क्योकि सीबीआई ने भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत भी की कार्रवाई की है. उन्होंने कहा कि बैंक ऑफ बडौदा ने विक्रम कोठारी के खिलाफ गलत शिकायत की है जिससे वह कोर्ट में सिद्ध नहीं कर पाएंगे.


बता दें कि बीते दिनों सीबीआई दोनों को दिल्ली पूछताछ के लिए लाई थी. इनके ऊपर 7 बैंकों से गबन करने का आरोप है.सीबीआई ने बैंक ऑफ बड़ोदा की शिकायत के आधार पर सीबीआई ने मामला दर्ज किया है. मंलगवार शाम कानपुर में पूछताछ के लिए सीबीआई दोनों को साथ ले गई थी. लगातार दो दिनों तक सीबीआई ने कानपुर में इनके घर पर छापेमारी की. कोठारी के खिलाफ 3,700 करोड़ रुपये के कथित बैंक ऋण की धोखाधड़ी को लेकर धन शोधन जांच चल रही है.


जांच एजेंसी ने इस मामले में सबूत जुटाने के लिए उन्नाव और कानपुर सहित उत्तर प्रदेश में कई जगहों पर छापेमारी भी की. उल्लेखनीय है पिछले साल ही बैंक ऑफ बड़ौदा ने रोटोमैक ग्लोबल प्राइवेट लिमिटेड को विलफुल डिफॉल्टर घोषित किया था. कंपनी बैंक के इस आदेश के खिलाफ इलाहाबाद हाईकोर्ट गई थी. हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस डीबी भोसले और जस्टिस यशवंत वर्मा की खंडपीठ ने कंपनी की याचिका पर सुनवाई करते हुए बैंक को आदेश दिया था कि कंपनी का नाम विलफुल डिफॉल्टर लिस्ट से बाहर किया जाए.