7 मार्च को अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (एएमयू) में होने वाले दीक्षांत समारोह में मुख्य अतिथि बनकर आ रहे राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद का विरोध होना शुरू हो गया है. एएमयू के छात्रों  का कहना है कि कैंपस में उस किसी का भी विरोध होगा जो आरएसएस पदाधिकारी है या उससे जुड़ा है. उनका कहना है राष्ट्रपति खुद आरएसएस से जुड़े रहे हैं. एएमयू के छात्रों  ने कहा है कि  किसी भी संघ के नेता, बाबरी मस्जिद और गांधी के कातिलों को परिसर में बर्दाश्त नहीं करा जाएगा. ऐसे लोगों के ‘पर’ कतरना उन्हें अच्छी तरह आता है.


एएमयू छात्रसंघ सचिव मोहम्मद फहद ने एएमयू इंतजामिया को इस संबंध में चेतावनी भरा पत्र लिखा  है. इस पत्र में राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद द्वारा अल्पसंख्यक को लेकर दिए गए बयान की भी बात कही गई है.


दरअसल अलीगढ़ मुस्लिम युनिवर्सिटी में हर वर्ष की तरह इस साल भी दीक्षांत समारोह होने जा रहा है, लेकिन इस बार देश के राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद मुख्य अतिथि बनकर आ रहे हैं, जो कि संघ से जुड़े हुए हैं. इसी वजह से एएमयू के छात्र इसके विरोध पर उतर आए हैं. छात्रों का कहना है राष्ट्रपति पद का वह सम्मान करते हैं, और राष्ट्रपति का एएमयू में स्वागत है,  लेकिन उनके द्वारा दिया गया यह बयान कि सभी अल्पसंख्यक बाहर के लोग हैं, उन्हें चुभता है. फिर भी उनका स्वागत कर रहे हैं. लेकिन उनके साथ अगर कोई भी संघ या बीजेपी नेता, मंत्री आया तो ऐसे लोगों के पर कतरना भी उन्हें अच्छे से आता है.

इतना ही नहीं एएमयू छात्रसंघ के पूर्व सचिव नदीम अंसारी का कहना है कि जिस दिन राष्ट्रपति यहां आ रहे हैं, उस दिन बीजेपी सांसद राजवीर सिंह की बेटी की शादी भी है. राष्ट्रपति उसी के लिए आ रहे हैं. एएमयू दीक्षांत समारोह और शादी की तारीख जानबूझकर एक साथ रखी गई है. राष्ट्रपति की हम इज्जत करते हैं, लेकिन इस वक्त राष्ट्रपति का चेहरा संघी चेहरा है. किसी भी कीमत पर संघ के लोगों को बर्दास्त नहीं करेंगे,


नदीम अंसारी ने कहा उनके साथ जो भी संघी या बीजेपी नेता आएगा उसके लिए  गधे किराये पर लिए गए हैं. इन गधों को भगवा रंग में रंगकर उनपर भगवा झंडा लगाकर रखेंगे. उस दिन कैंपस में आने वाले बीजेपी व संघी नेताओं को गधों द्वारा ही बाहर का रास्ता दिखाएंगे. अब देखने वाली बात होगी कि आखिर आगामी 7 मार्च को क्या होता है? अलीगढ़ प्रशासन और एएमयू इंतजामिया किस तरह से इन चुनौतियों से निपटता है.