नई दिल्ली दिल्ली में मुख्य सचिव मारपीट मामले में अधिकारियों और सरकार के बीच चल रहे विवाद को लेकर दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने उपराज्यपाल से मुलाकात की. इस दौरान केजरीवाल के साथ उनके कई मंत्री भी मौजूद रहे.


इस मुलाकात के बाद उपराज्यपाल अनिल बैजल ने ट्वीट कर मौजूदा हालात को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए इसकी निंदा की. साथ ही उन्होंने दिल्ली सरकार को सलाह दी कि सरकार को अफसरों और कर्मचारियों के साथ भरोसा कायम करना चाहिए. ताकि दिल्ली के विकास पर असर न पड़े. उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में हिंसा की जगह नहीं है.


इधर, दिल्ली की केजरीवाल सरकार पर प्रदेश भाजपा अध्यक्ष मनोज तिवारी ने हमला बोला है. उन्होंने कहा कि एलजी से मुलाकात के बाद भी दिल्ली सरकार की भाषा दोगली है. एलजी ने कहा है कि विश्वास बनाकर चलना होगा. सरकार में हिंसा के लिए कोई जगह नहीं है.


'लोकतंत्र नहीं ठोकतंत्र से चल रही केजरीवाल सरकार'


मनोज तिवारी ने कहा कि मेरा मानना है कि सभी एजेंसीयों को जल्द से जल्द इस मामले की जांच करके दिल्ली सरकार के सामने रख देना चाहिए. जिस तरह आम आदमी पार्टी के विधायक ने कहा कि अधिकारियों को पीटना चाहिए, उसके बाद लगता है कि दिल्ली सरकार अब लोकतंत्र से नहीं ठोकतंत्र से चल रही है. अरविंद केजरीवाल ने अभी तक अपने विधायक के इस बयान पर कुछ नहीं कहा है.


मैं अरविंद केजरीवाल से कहना चाहता हूं कि वो दिल्ली को अराजकता के लिए न भड़काएं. जो ठोकतंत्र वो चला रहे हैं कहीं उन पर उल्टा ना पड़ जाये. अगर किसी दिन कोई अधिकारी मुख्यमंत्री या उपमुख्यमंत्री को किसी बात पर दो थप्पड़ जड़ दे तो भी उनका ये ही रवैया रहेगा.


उन्होंने कहा कि हो सकता है वो कहीं से निकलें और उन्हें लोग दौड़ा-दौड़ाकर पीटने लगें. अगर यही चलता रहा तो इस तरह की अराजकता सड़कों पर हर जगह देखने को मिल सकती है. अरविंद केजरीवाल जी बच्चे आपसे आपसे अराजकता सीख रहे हैं.

सीएम केजरीवाल ने भी बैठक के बाद ट्वीट किया और कहा कि हम सभी को दिल्ली की भलाई के लिए मिलकर काम करना चाहिए. उन्होंने ट्वीट में लिखा, 'पिछले 3 दिनों से अफसर बैठकों में भाग नहीं ले रहे. जिसकी वजह से दिक्कत हो रही है. मैं चिंतित हूं. उपराज्यपाल ने भी आश्वासन दिया है कि वो अधिकारियों से सामान्य रूप से काम शुरू करने को लेकर बात करेंगे और कदम उठाएंगे. कैबिनेट ने भी सहयोग का आश्वासन दिया. हम सभी को दिल्ली की भलाई के लिए मिलकर काम करना चाहिए.'सीएम अरविंद केजरीवाल और उपराज्यपाल अनिल बैजल की मुलाकात के बाद उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने कहा कि उपराज्यपाल ने कहा है कि वो अफसरों को सभी बैठकों में शामिल हों, मंत्रियों के साथ मिलकर काम करें और दिल्ली के लिए जरूरी चीजों में किसी प्रकार की कोताही न बरती जाए.

सिसोदिया के मुताबिक बैठक में सीएम केजरीवाल ने कहा कि जो भी जरूरी होगा कदम उठाएंगे और अफसरों से बात भी करेंगे. वहीं, उपराज्यपाल अनिल बैजल ने भी अफसरों से बात करने की बात कही.


उन्होंने दिल्ली के उपराज्यपाल के प्रति आभार व्यक्त किया और कहा कि मैं उनका आभारी हूं कि वो इस पूरे मामले को दिल्ली के गवर्नेंस के नजरिये से देख रहे हैं. इसके बाद इस तरह की समस्या की गुंजाइश नहीं बचेगी.


इस बीच, आईएएस एसोसिएशन ने स्पष्ट किया है कि दिल्ली सरकार के तहत आने वाले सभी अधिकारी अपने विभाग में काम कर रहे हैं. साथ ही मुख्य सचिव मामले को लेकर वे दिल्ली सरकार के मंत्री द्वारा बुलाए गए किसी भी बैठक में शामिल न होकर विरोध भी जता रहे हैं, क्योंकि वो खतरा महसूस कर रहे हैं.

शुक्रवार सुबह मुख्य सचिव से मारपीट मामले में दिल्ली पुलिस मुख्यमंत्री के घर जांच करने पहुंची. दिल्ली पुलिस ने 21 सीसीटीवी कैमरों की रिकॉर्डिंग जब्त कर ली है. जांच पर सीएम अरविंद केजरीवाल ने सवाल उठाते हुए कहा कि क्या इसी तरह से जज लोया के मामले में अमित शाह से भी पूछताछ की जाती? ऐसी कार्रवाई से तिलमिलाई आप ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर केंद्र सरकार पर जमकर हल्ला बोला.


मारपीट के आरोपी दोनों विधायकों का अर्जी खारिज


मारपीट के आरोपी विधायक अमानतुल्ला खान और प्रकाश जारवाल की जमानत की अर्जी तीस हजारी कोर्ट ने खारिज कर दी. दिल्ली पुलिस ने 2 दिनों के लिए विधायकों की पुलिस कस्टडी की अर्जी दी थी, जिसे कोर्ट ने खारिज़ कर दिया.


केंद्र के इशारे पर दिल्ली पुलिस की कार्रवाई: आप


दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल के घर दिल्ली पुलिस की जांच पर तिलमिलाई आम आदमी पार्टी ने मोदी सरकार पर हमला बोल दिया है. आप प्रवक्ता संजय सिंह और आशुतोष ने दिल्ली पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि जिस तरीके से जांच की जा रही है, उससे लगता है जैसे पुलिस किसी हत्या की तहकीकात कर रही हो.


विधायकों की पिटाई के विरोध में कल देशव्यापी प्रदर्शन


संजय सिंह ने कहा कि यह सरकार एनकाउंटर स्पेशलिस्ट है जो कुछ भी कर सकती है. इनका मकसद अराजकता फैलाना है. जिन आप विधायकों की पिटाई की गई, उस पर अब तक कुछ नहीं किया गया है. उन्होंने कहा कि इसके विरोध में कल आप देशव्यापी विरोध प्रदर्शन करेगी.


दिल्ली पुलिस ने पेंट के बारे में सवाल किए


आशुतोष ने दिल्ली सरकार सीएम के घर में जांच के दौरान का एक वीडियो दिखाते हुए कहा कि इसमें पुलिस अधिकारी ने पेंट पर सवाल पूछे. आशुतोष ने कहा कि जांच के लिए गई पुलिस ने सीसीटीवी के बारे में क्यों नहीं पूछा? दिल्ली पुलिस ने मुख्यमंत्री का अपमान करने के लिए ये कार्रवाई की है. मुख्यमंत्री आवास पर पुलिस की एंट्री गैर-कानूनी है. केंद्र के इशारे पर सब हो रहा है. जो आज अरविंद केजरीवाल के साथ हो रहा है, वो कल आपके साथ हो सकता है. क्या पुलिस निष्पक्षता से काम कर रही है? आज मुख्यमंत्री के घर पर पुलिस वालों ने जो दादागिरी की है वो महज कठपुतली हैं. दिल्ली सरकार को गिराने की ये गहरी साजिश है. 


चीफ सेक्रेटरी के बयान पर हो रही गुंडागर्दी


दिल्ली पुलिस अपराधियों को पकड़ने की बजाए एक चीफ सेक्रेटरी के बयान पर गुंडागर्दी कर रहे हैं. दिल्ली पुलिस अपने मालिक अपने आका के इशारे पर काम कर रही है. पर लोकतंत्र को कुचलने की साज़िश कामयाब नहीं होगी. जनता सब देख रही है.


केजरीवाल के घर से 21 CCTV DVR सीज


दिल्ली पुलिस ने केजरीवाल के घर से 21 CCTV DVR सीज की है. दिल्ली पुलिस ने कहा है कि आज सीएम से पूछताछ नहीं की गई है. जांच के दौरान केजरीवाल 40 मिनट घर पर ही थे. जांच कर रही पुलिस ने सीएम स्टाफ को घर से बाहर जाने के लिए कहा है.


केजरीवाल बोले- लोया केस में शाह से भी हो पूछताछ


इस मामले पर केजरीवाल ने केंद्र सरकार पर बड़ा हमला करते हुए कहा कि जितनी शिद्दत के साथ इस मामले की जांच की जा रही है, इसकी मुझे बेहद खुशी है. लेकिन मैं जांच एजेंसियों से कहना चाहता हूं कि जज लोया के कत्ल की जांच के मामले में वे अमित शाह से पूछताछ करने की भी हिम्मत दिखाएं.

21 में 14 कैमरों में ही रिकॉर्डिंग हो रही थी


एडिशनल डीसीपी हरिंदर सिंह की अगुवाई में दिल्ली पुलिस मुख्यमंत्री के घर पहुंची. पुलिस के साथ फॉरेंसिक एक्सपर्ट की टीम भी है. इधर मुख्यमंत्री कार्यालय ने आरोप लगाया है कि दिल्ली पुलिस बिना किसी सूचना के सीएम के घर पहुंची है. मुख्यमंत्री घर में ही मौजूद हैं. पूछताछ में पता चला है कि केजरीवार के घर के ड्राइंग रूम में मीटिंग हुई थी. मीडिया से बातचीत करते हुए हरविंदर सिंह ने बताया कि घर में 21 में 14 कैमरों में रिकॉर्डिंग हो रही थी, जबकि 7 बंद पड़े थे. कैमरों की टाइमिंग 40 मिनट 42 सेकेंड पीछे चल रही थी. वारदात वाले कमरे में कैमरा नहीं था. उन्होंने कहा कि सीएम आवास में जांच इसलिए की गई है, ताकि क्राइम सीन को देखा जा सके.


IAS प्रतिनिधिमंडल ने की जितेंद्र सिंह से मुलाकात

इधर आईएएस एसोसिएशन के प्रतिनिधिमंडल ने पीएमओ और डीओपीटी मंत्री जितेंद्र सिंह और गृहराज्यमंत्री हंसराज अहीर से मुलाकात कर उन्हें बीते दिनों मुख्य सचिव से हुई मारपीट के बारे में बताया.