इंदौरः अमेरिका की पूर्व प्रथम महिला और पूर्व विदेश मंत्री हिलेरी क्लिंटन रविवार रात 8 बजे इंदौर पहुंचीं। यहां से 8.25 बजे सड़क मार्ग से वे महेश्वर के लिए रवाना हुई और 10.23 बजे वहां पहुंचीं। कड़ी सुरक्षा के बीच वे सीधे राजवाड़ा परिसर में बने होटल अहिल्या फोर्ट गई। यहां उनका स्वागत शिवाजीराव होलकर (प्रिंस रिचर्ड होलकर) ने किया और रात्रि भोज दिया।


सूत्रों के अनुसार भारत पहुंची हिलेरी को अमेरिका जाना था लेकिन उन्होंने अपने कार्यक्रम में परिवर्तन कर मप्र में सबसे पहले महेश्वर यात्रा को चुना। इसके बाद वे राजस्थान जाएंगी। पहले वह सबसे बाद में महेश्वर आने वाली थीं।


हिलेरी के लिए बिलकुल साधारण कमरा पसंद किया गया है। होटल अहिल्या फोर्ट के लक्जरी रूम को हिलेरी के साथ आए सुरक्षाकर्मियों ने सुरक्षा की दृष्टि से रिजेक्ट कर दिया। होटल के दक्षिणी छोर पर किले के झरोखे से नर्मदा दर्शन वाला कमरा भी सुरक्षा कारणों से नहीं लिया गया। किला परिसर के बीचोबीच बने कमरे बुलबुल, कचनार और चंपा को हिलेरी के रुकने के लिए तैयार किया गया है। इनमें से एक कमरा उनके साथ आए सुरक्षाकर्मी ऐनवक्त पर तय करेंगे। अहिल्या फोर्ट में कमरों को नंबर के बजाय उनके आगे वृक्ष, चिडि़या के घोंसले सहित अन्य कोई प्रतीक चिन्ह के नाम से जाना जाता है। यहां रात्रि भोज में भारतीय, नेपाली और कॉन्टिनेंटल व्यंजन बनाए गए। भोजन में खासतौर पर आम रस रखा गया।


हिलेरी इंदौर में लैंडिंग के बाद करीब 20 मिनट विमान में बैठी रहीं। विमानतल पर उतरते ही एसडीएम शालिनी श्रीवास्तव ने उनका स्वागत किया। एयरपोर्ट लॉबी में लगी देवी अहिल्या की तस्वीर के बारे में पूछने पर एसडीएम ने उन्हें देवी अहिल्या के जीवन के बारे में संक्षिप्त जानकारी देते हुए बताया कि इंदौर और महेश्वर दोनों ही जगह की वे शासक रहीं। उन्हीं की स्मृति में इस एयरपोर्ट का नाम भी रखा गया है। 2016 के राष्ट्रपति चुनाव कैंपेन में प्रमुख भूमिका निभाने वाली हुमा महमूद अबेदीन भी निजी स्टाफ के तौर पर हिलेरी के साथ हैं।