बहुत से मानसिक विकार होते हैं, जिन्हें अक्सर लोग सामान्य बीमारी समझकर अनदेखा कर देते है, लेकिन बाद में यहीं समस्या गंभीर बीमारी का रुप ले लेती है। कुछ लोगों में इसके संकेत भी नजर आते है, लेकिन इसके बारे में प्रोपर जानकारी न होने कारण इन्हें अनदेखा कर दिया जाता है और इस बात को हंसी में डाल दिया जाता है लेकिन यह बिल्कुल गलत है कि इस तरह की स्थिति में मनोचिकित्‍सक की सलाह जरूर लेनी चाहिए, ताकि इस समस्या को गंभीर रुप लेने से रोका जा सकें। आज हम आपको 8 ऐसी ही मानसिक बीमारियों के बारे में बताएंगे, जिन्हें हम लोग अक्सर मामूली समस्या समझ बैठते है। 


 


1. डिप्रेशन (Depression)

तनाव को लोग अक्सर अनदेखा कर देते है, जोकि सबसे खतरनाक मानसिक विकार है। ज्यादातर आत्महत्या का कारण तनाव ही बनता है। तनाव के चलते इंसान मानसिक रुप से इतना परेशान हो जाता है, जो बाद में गंभीर बीमारी का रुप करती है। 


 


2. साइक्‍लोथीमिया (Cyclothymia)

साइक्‍लोमीथिया द्विध्रुवी विकार है, जो दिमाग में होता है। इसका प्रमुख कारण आजतक पता नहीं चल पाया है लेकिन यह आनुवांशिक भी हो सकता है, जो पुरूषों और महिलाओं को हो सकता है। 


 


3. क्‍लेप्‍टोमनिया (Kleptomania)

इस बीमारी से ग्रस्त इंसान जानबूझकर चोरी करता है, जो अपनी मानसिक विकृति के कारण ही चीजों की चोरी करता है। 


 


4. पाइरोमनिया (Pyromania)

यह ऐसी बीमारी है, जिसमें रोगी को बेहद गुस्सा आता है। अपने गुस्से को काबु करने के लिए वह आग का सहारा लेता है। यह मानसिक बीमारी ज्यादातर बच्चों और किशोरों में दिखाई देती है। 


 


5. स्‍लीप पैरालिसिस (Sleep Paralysis)

स्‍लीप पैरालिसिस भी एक मानसिक बीमारी है, जिसे अक्सर लोग सामान्य समझते है। इस बीमारी से ग्रस्त व्यक्ति को पूरी रात नींद नहीं आती और वह पूरी रात जागता रहता है। यह एक भयानक समस्या हो सकती है, जो चिंता का विषय है। ऐसी स्थिति में किसी अच्छे  मनोचिकित्‍सक की सलाह लें।   


 


6. ट्रीकोटिलोमनिया (Trichotillomania)

यह बड़ी ही अजीब मानसिक विकार है, जिससे ग्रस्त रोगी आवेश में आकर अपने बालों को खींचता है, इतना ही नहीं कुछ स्थितियों में तो मरीज अपने बालों को ही खाने लगता है। घातक होने के कारण इसका इलाज भी मुश्किल है। व्यक्ति में इस तरह के संकेत होने पर उसे तुर्त डॉक्टर के पास लेकर जाए। 


 


7. कृत्रिम विकार (Factitious Disorder)

बहुत से लोगों को इस प्रकार के मानसिक विकार की जानकारी नहीं होती है। दरअसल, इस बीमारी में रोगी हमेशा काम से जी चुराता रहता है और काम से बचने के लिए बहाने ढूंढते रहते है। 


 


8. डीरियलाइजेशन (Derealization)

इस मानसिक विकार से ग्रस्‍त लोगों को बाहरी दुनिया असत्य लगती है। यह बीमारी मिरगी, माइग्रेन और सिर पर हल्की से चोट लगने के कारण हो सकती है। इस बीमारी में  नींद न आना, बॉर्डर लाइन पर्सनॉलिटी डिसऑर्डर और सीजोफ्रेनिया जैसे लक्षण दिखाई देते हैं।