पूर्व राज्यसभा सांसद और उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री रह चुकी बेगम हमीदा हबीबुल्लाह का मंगलवार को राजधानी लखनऊ में निधन हो गया. वह 102 साल की थीं. बेगम हमीदा लंबे सीमाय से बीमार चल रही थीं. उन्होंने राजधानी लखनऊ के कमांड हॉस्पिटल में अंतिम सांस ली. उन्हें उनके पैतृक गांव बाराबंकी में सुपुर्द-एखाक किया जाएगा.


बेगम हामिदा का जन्म 20 नवंबर, 1916 को हुआ था. उनके पिता दिवंगत नवाब नजीर यार जंग बहादुर हैदराबाद उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश थे. बेगम हमीदा के आईएएस पुत्र वजाहत हबीबुल्लाह को देश के पहले चीफ इंफॉरमेशन कमिशनर बनने का गौरव प्राप्त है. बेगम हामिदा लखनऊ की जानी-मानी शख्सियत थीं. उनका जीवन भारतीय महिलाओं खासकर अल्पसंख्यक महिला समुदाय को अपने तरीके से जीवन जीने और आर्थिक तौर पर आत्मनिर्भर बनने की प्रेरणा देता है.


बेगम हामिद 1965 में राजनीति में आईं. वह बाराबंकी के हैदरगढ़ से कांग्रेस की एमएलए चुनी गईं. इसके बाद उन्होंने सामाजिक कल्याण मंत्री, पर्यटन मंत्री समेत कई प्रमुख मंत्रालय का नेतृत्व किया. 1976 से 1982 तक वह राज्यसभा की सदस्य रहीं.


पूर्व मंत्री बेगम हमीदा के इंतकाल की सूचना मिलते ही लखनऊ स्थित उनके आवास पर शोक जताने वालों का तांता लगा है. आज शाम पैतृक गांव बाराबंकी जिले के सैदनपुर में बेगम के शव को सुपुर्द-ए-खाक किया जाएगा.